योगी आदित्यनाथ की प्रवासी और मज़दूरों के लिए मदद, रातभर जागकर किया 1000 से ज्यादा बसों के इंतज़ाम |

भारत में कोराना वायरस के लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए इन दिनों पूरा देश को लॉकडाउन कर दिया गया है| लेकिन ऐसे में भी प्रवासी कामगारों, और दिहाड़ी मजदूरों का पलायन जारी है। दिन-रात पैदल चलकर ही 200 किलोमीटर से 2000 किलोमीटर तक का सफर तय कर के ये लोग अपने घरों की ओर कूच कर रहे हैं|

भारत में कोराना वायरस के लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए इन दिनों पूरा देश को लॉकडाउन कर दिया गया है| लेकिन ऐसे में भी प्रवासी कामगारों, और दिहाड़ी मजदूरों का पलायन जारी है। दिन-रात पैदल चलकर ही 200 किलोमीटर से 2000 किलोमीटर तक का सफर तय कर के ये लोग अपने घरों की ओर कूच कर रहे हैं| दरअसल, ये कामगार प्रवासी ऐसे हैं, जो लॉकाडाउन के बाद कामकाज-नौकरी छोड़ चुके हैं या फिर निकाल दिए गए हैं और किराए पर कमरा लेने और खाने-पीनी की चीजों का जुगाड़ करने में भी असमर्थ हैं। ऐसे हजारों लोग हैं जो महानगरों से काम और रोजी-रोटी के अभाव में अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। सरकार की ओर इन समूहों को मुफ्त अनाज और अन्य जरूरी चीजों को मुहैया कराई जा रही हैं | जिससे बड़े पैमाने पर हो रहे इस पलायन को रोका जा सके | राज्य सरकारों अपील कर रही है कि आप जहाँ है वही रहे, सरकार आपकी मदद करेगी| इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रातभर जागकर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ आदि इलाकों में 1000 से ज्यादा बसें लगाकर इनको मज़दूरों और कामगारों को इनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई है | सीएम योगी ने तत्काल परिवहन विभाग के अधिकारी, ड्राइवर और कंडक्टरों को ड्यूटी पर बुलाने का निर्देश दिए हैं | यूपी के बॉर्डर से लोगों को हर जिले तक पहुंचने के लिए 1000 बसों की व्यवस्था कर दी गयी है| वहीं लखनऊ के चारबाग से यात्रियों की सुविधा के लिए बसें चलायी गई है| कानपुर, बनारस, गोरखपुर, आजमगढ़,बलिया, फैजाबाद, बस्ती, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, गोंडा, इटावा, बहराइच, श्रावस्ती ऐसे कई जिलों की बसें यात्रियों को बैठाकर भेजी जा चुकी हैं| वहीं यूपी डीजीपी और एसपी लोगों को खाने और पानी व्यवस्था भी कर रहे हैं| सीएम योगी ने विभिन्न राज्यों में रह रहे यूपी के लोगों से यह अपील करते हुए कहा है कि "वे जहां हैं, वहीं रूके रहें, सरकार उनकी पूरी सुविधा का ध्यान वहीं रखेगी| उनके सामने कोई समस्या न आये इस पर सरकार का पूरा फोकस है| 21 दिनों का ये लॉकडाउन आपके और आपके परिवार के साथ पूरे समाज और देश के उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है|" अनुरोध है कि 'मजदूर वर्ग से जुड़े लोग पैदल यात्रा न करें| आपके साथ बीमारी फ़ैल सकती है और आपके कारण और तमाम लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है| सरकार आपकी मदद के लिए पूरी तरह से संवेदनशील है'| बता दें कि पूरे भारत में कोरोना से अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है ,और अभी तक कुल 892 कोरोना के पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं| इस बीमारी से दुनिया के लगभगसभी देश प्रभावित हैं | दुनिया के सभी देशों में मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है| ऐसे में भारत सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बार-बार यह हिदायत दी जा रही है कि लोग सख्ती से लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें| घरों में रह कर और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिये ही इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है|