WORLD's BIGGEST RECESSION | दुनिया देखेगी अब तक की सबसे बड़ी मंदी का दौर - वर्ल्ड बैंक

[WORLD's BIGGEST RECESSION] वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट डेविड मलपास  के अनुसार 1870 के बाद यह पहला मौका होगा, जब महामारी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आएगी ......(पूरा पढ़े )

WORLD's BIGGEST RECESSION | दुनिया देखेगी अब तक की सबसे बड़ी मंदी  का दौर - वर्ल्ड बैंक
WORLD's BIGGEST RECESSION | दुनिया देखेगी अब तक की सबसे बड़ी मंदी का दौर - वर्ल्ड बैंक

WORLD's BIGGEST RECESSION | दुनिया देखेगी अब तक की सबसे बड़ी मंदी  का दौर - वर्ल्ड बैंक 

कोरोना की वजह से पूरी दुनिया भर में लॉक डाउन है और सभी काम बंद पड़े को जिसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरी तरह से पड़ा है | वही इसको लेकर वर्ल्ड बैंक ने बड़ी बात कही है |  वर्ल्ड बैंक  ने अपनी नई रिपोर्ट ग्लोबल इकनॉमिक प्रॉस्पैक्ट में इसे लेकर चिंता जताई है | वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट डेविड मलपास  के अनुसार 1870 के बाद यह पहला मौका होगा, जब महामारी की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आएगी|  

ये बात उन्होंने रिपोर्ट की भूमिका में कही है. बता दें कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में 1870 के बाद अब तक कुल 14 बार मंदी आई है. ये मंदी 1876, 1885, 1893, 1908, 1914, 1917-21, 1930-32, 1938, 1945-46, 1975, 1982, 1991, 2009 और 2020 में आई हैं| विश्व बैंक ने आशंका जताई है कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था में 3.2 फीसदी की गिरावट आ सकती है. भारत के जीडीपी की ग्रोथ रेट साल 2017 में 7 फीसदी थी, जो 2018 में घटकर 6.1 फीसदी रह गई है| [WORLD's BIGGEST RECESSION] 

साल 2019-20 में यह और भी कम होकर 4.2 फीसदी पर आ गयी है. कोरोना वायरस और उसके संक्रमण को रोकने के लिए किये गए लॉकडाउन का असर इस वित्त वर्ष में देखने को मिल सकता है.वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल विकसित देशों की अर्थव्यवस्था 7 फीसदी घट जाएगी और विकासशील देशों की इकनॉमी में भी 2.5 फीसदी की गिरावट आ सकती है|  

रिपोर्ट की मानें तो प्रति व्यक्ति आय में भी 3.6 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है. इसकी वजह से करोड़ों लोगों को गरीबी की मार झेलनी पड़ सकती है. उन देशों में गरीबी की मार सबसे अधिक पड़ेगी, जो पर्यटन और निर्यात पर अधिक निर्भर हैं|  जिन देशों में कोरोना वायरस सबसे अधिक फैला है| विश्व बैंक ने अनुमान लगाया गया है कि इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 5.2 फीसदी की गिरावट आ जा सकती है|