Whatsapp का विकल्प हो सकते हैं ये मैसेंजर ऐप , जानें कैसे काम करते है ये ऐप

वाट्सएप की तरफ से नई प्राइवेसी पॉलिसी के बाद यूजर्स इसका अल्टरनेटिव ऑप्शन्स तलाश रहे हैं। यूजर्स चाहते हैं कि वाट्सएप के जैसा कोई ऐसा ऑप्शन हो जिसमें उनकी प्राइवेसी को कोई खतरा ना हो साथ ही उसे ऑपरेट करने में परेशानी हो।

Whatsapp का विकल्प हो सकते हैं ये मैसेंजर ऐप , जानें कैसे काम करते है ये ऐप

वाट्सएप की तरफ से नई प्राइवेसी पॉलिसी के बाद यूजर्स इसका अल्टरनेटिव ऑप्शन्स तलाश रहे हैं। यूजर्स चाहते हैं कि वाट्सएप के जैसा कोई ऐसा ऑप्शन हो जिसमें उनकी प्राइवेसी को कोई खतरा ना हो साथ ही उसे ऑपरेट करने में परेशानी हो।

साल 2021 में सिगनल मैसेंजिंग ऐप वाट्सएप का बेहतर विकल्प हो सकता है। वाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद सिगनल की तरफ स्विच करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यह ऐप यूजर की किसी भी तरह की जानकारी कलेक्ट नहीं करता है। यह चैट, ग्रुप, वीडियो/ऑडियो कॉल के साथ ही वाट्सएप की तरह ही end-to-end encryption भी ऑफर करता है। अकाउंट क्रिएट करने के लिए सिर्फ फोन नंबर की जरूरत होती है। उस नंबर को भी आपके प्रोफाइल के साथ लिंक नहीं किया जाता है। हाल ही में दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क, एडवर्ड स्नोडन समेत कई लोग सिगनल की वकालत कर रहे हैं।

पिछले कुछ समय में टेलीग्राम भी मैसेंजिंग एप के रूप में काफी पॉपुलर हुआ है। यह भी वाट्सएप की तर्ज पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन ऑफर करता है। इसमें लोगों के प्राइवेट मैसेज एप्लिकेशन सर्वर से सुरक्षित रहते हैं। टेलीग्राम एप्लिकेशन क्लाउड-आधारित है और वाट्सएप की तरह ही डबल-टिक के तर्ज पर काम करता है। इसमें मैसेजिंग एप्लिकेशन में इन-ऐप बॉट, ऑडियो और वीडियो भेजने की भी सुविधा है। इसके जरिये मल्टीमीडिया फाइल शेयरिंग का ऑप्शन भी मौजूद है। इसे आप मोबाइल के साथ ही डेस्कॉप और टैब पर भी एक्सेस कर सकते हैं।

एलिमेंट एक सिक्योर मैसेंजर और एक प्रोडक्टिविटी टीम कोलाबोरेशन ऐप है। यह रिमोट काम करते हुए ग्रुप चैट के लिए बेस्ट है। यह चैट ऐप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, फाइल शेयरिंग और वॉयस कॉल फैसिलिटी के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है। एलिमेंट अन्य मैसेजिंग और कोलाबोरेशन एप्स से पूरी तरह अलग है। इसकी खासियत यह है कि आप यदि ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते हैं तो आप ब्राउजर के जरिये भी इसका यूज कर सकते हैं। जब आप इस पर साइन अप करते हैं तो यह आपको होस्ट सर्वर चुनने का ऑप्शन देता है। इस ऐप पर भी आपको अपना फोन नंबर या ई-मेल आईडी देने की जरूरत नहीं है। जब आप एलिमेंट पर साइन अप करते हैं, तो आपको एक सीक्रेट Key मिलती है। नए डिवाइस (अपने यूजरनेम और पासवर्ड के साथ) में लॉग इन (Log in)करने के लिए इस Key की आवश्यकता होती है।

अब देखने की बात है की व्हाट्सअप अब अपने इस नई प्राइवेसी पॉलि को लेकर क्या करता है और इससे आने वाले समय पर यूजर को क्या फायदा या लाभ होता है , पर जो बात सोशल मीडिया पर आ रही है उससे ये बात साफ़ है की आने वाले समय में अगर व्हाट्सअप ने नई प्राइवेसी पॉलि को लेकर कोई बदलाओ नहीं किया तो यूजर किसी और ऐप का विकल्प जरूर देखेंगे और उस पर सक्रिय हो जायेगे।