वीवंडर फाउंडेशन ने मनाया तीसरी वर्षगांठ एक सोच गौरैया को घर घर में लाने की

विवंडर फाउंडेशन की शुरुआत आज से तीन साल पहले एक नई पहल एक नई सोच के साथ की गई थी, और वो पहल थी गौरैया को घर - घर में लाने की! आज वो सपना साकार होते नज़र आ रहा है, इस प्रकृति की सुंदरता को बनाए रखने में गौरैया का बहुत योगदान है।

वीवंडर फाउंडेशन ने मनाया तीसरी वर्षगांठ एक सोच गौरैया को घर घर में लाने की
वीवंडर फाउंडेशन ने मनाया तीसरी वर्षगांठ एक सोच गौरैया को घर घर में लाने की

विवंडर फाउंडेशन की शुरुआत आज से तीन साल पहले एक नई पहल एक नई सोच के साथ की गई थी, और वो पहल थी गौरैया को घर - घर में लाने की! आज वो सपना साकार होते नज़र आ रहा है, इस प्रकृति की सुंदरता को बनाए रखने में गौरैया का बहुत योगदान है। इसी लिए वीवंडर फाउंडेशन ने आज से तीन साल पहले एक पहल शुरू कि , वीवंडर फाउंडेशन का सपना था की फिर से गौरैया को घर घर तक लाया जाए और फिर से गली ,मोहले ,शहर हर जग़ह गौरैया कि आवाज सुबह सुबह कानों में गूंजे । इस लिए विवंडर फाउंडेशन की पूरी टीम ने लगन के साथ कार्य शुरू किया जिसका नतीजा आज हमको वाराणसी के बाग बगीचों में देखने को मिलता है  


गोपाल कुमार (अध्यक्ष वीवंडर फाउंडेशन) कहते है की हम प्रत्येक और हर टीम के सदस्यों, सहकर्मियों,बोर्ड मेंबर,मेंटर, वॉलिंटियर्स, मीडिया,रेडियो,मुख्य अतिथियों, दानकर्ता व्यक्तियों,सहयोगी पार्टनर्स,सामाजिक संगठन, परिवार,संस्था के सभी स्टेट प्रेसिडेंट और हर किसी के लिए आभारी हु,जो हमारी जरूरत के समय आपने समर्थन और सहयोग दिया। यह आपकी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के कारण है कि हम अपने NGO वीवंडर फाउंडेशन की वर्षगांठ के 3 साल पूरे कर पाए हैं।