वाराणसी नाव हादसा: पांच साल बाद मिलने की खुशी पांच घंटों में काफूर, दो की तलाश कर रहीं तीन टीमें

वाराणसी में रविवार की शाम हुए नाव हादसे के कारण पांच दोस्तों के पांच साल बाद मिलने की खुशी पांच घंटों में ही काफूर हो गई। पांच में से दो दोस्त लापता हैं। उन्हें खोजने के लिए एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। नाव हादसे में बचाए गए विशाल सोनकर ने बताया कि पिशाचमोचन की श्रेया, सुंदरपुर की सृष्टि, भोजूबीर के अभिषेक मौर्या और भोजूबीर के ही विशाल सिंह उदय प्रताप पब्लिक स्कूल में साथ पढ़े थे।

वाराणसी में रविवार की शाम हुए नाव हादसे के कारण पांच दोस्तों के पांच साल बाद मिलने की खुशी पांच घंटों में ही काफूर हो गई। पांच में से दो दोस्त लापता हैं। उन्हें खोजने के लिए एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। नाव हादसे में बचाए गए विशाल सोनकर ने बताया कि पिशाचमोचन की श्रेया, सुंदरपुर की सृष्टि, भोजूबीर के अभिषेक मौर्या और भोजूबीर के ही विशाल सिंह उदय प्रताप पब्लिक स्कूल में साथ पढ़े थे। पांचों ने रविवार को पार्टी मनाने नाव से उस पार जाने का प्लान बनाया। दोपहर बाद सभी अस्सी घाट पहुंचे और नाव से गंगा उस पार घूमने गए। वहां मौज मस्ती करने के बाद जब उनका नाव वाला वापस लेने नहीं आया तो अस्सी घाट आने के लिए वहां मौजूद एक छोटी नाव की। नाव की क्षमता कम होने के बावजूद नाविक मनोज साहनी ने 6 अन्य लोगों को भी नाव में बैठा लिया। उस पार से अस्सी आते समय भदैनी के सामने बीच गंगा में नाव में पानी भरने लगा। इससे नाव अनियंत्रित होने लगी। नाव में सवार छात्रा श्रेया और सृष्टि ने तेजी से पानी भरता देखा तो चिल्लाने लगीं। इसी बीच देखते ही देखते नाव डूब गई। विशाल ने बताया कि उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं। मुझे किसी ने हाथ पकड़कर बाहर किया। जब होश आया तो मैं घाट के सीढ़ी पर था। दोनों छात्राओं श्रेया और सृष्टि को भी बचा लिया गया है। विशाल सिंह और अभिषेक मौर्य लापता हैं। उसके अलावा अन्य 6 व्यक्तियों का कोई पता नहीं चल सका है। नाविक मनोज साहनी का कहना है कि उन्हें भी बचा लिया गया है और वो सभी चले गए हैं। विशाल सिंह पंजाब की लवली यूनिवर्सिटी से एमसीए कर रहा है। लॉकडाउन में बनारस आया था। अभिषेक मौर्य बीटेक करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी करने प्रयागराज जाने वाला था। लड़कियां बीएड कर रही हैं।