वाराणसी में सिपाहियों की अनूठी पहल घरों में फंसे लोगों की मिटाई भूख |

प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार 21 दिन का राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन, कोरोना के कहर से बचने के लिए जितना आवश्यक है आम जनता के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। 21 दिन तक घरों से ना निकलने के इस संकल्प को जनता पूरी तत्परता के साथ निभाने का प्रयास कर रही है लेकिन इन हालातों में भी भूख और प्यास एक ऐसी चुनौती है जो इन्हें घरों से बाहर निकलने पर बेबस कर रही है।

प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार 21 दिन का राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन, कोरोना के कहर से बचने के लिए जितना आवश्यक है आम जनता के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है। 21 दिन तक घरों से ना निकलने के इस संकल्प को जनता पूरी तत्परता के साथ निभाने का प्रयास कर रही है लेकिन इन हालातों में भी भूख और प्यास एक ऐसी चुनौती है जो इन्हें घरों से बाहर निकलने पर बेबस कर रही है।इस चुनौती को संज्ञान में रखते हुए और इस 21 दिन के जंग को जारी रखने के उद्देश्य से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चौकस, प्रशासन के नौजवान सिपाहियों ने जनता को बल देने की कोशिश की है। आज वाराणसी की पुलिस प्रशासन जनता को सुरक्षा देने के साथ-साथ खाना देती भी नजर आयी।जी हाँ वाराणसी के महमूरगंज इलाके में चौकी इंचार्ज किशन यादव के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन के नौजवानों ने स्थानीय लोगों को भोजन वितरण किया।इस पर चौकि इंचार्ज ने बताया कि इन विकट हालातों में उनका यह संकल्प है कि रोज इसी तरह स्थानीय लोगो को door-to-door जाकर भोजन वितरण किया जाएगा।