किसान आंदोलन ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, तेल की कीमतों में लगातार हो रहा है उछाल

नए कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। 28 नवम्बर से किसान अपनी मांगों के समर्थन में दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। कड़ाके की ठंड के बाद बारिश के सितम में भी किसानों का धरना जारी है। किसान आंदोलन का असर अब आम लोगो पर भी दिखने लगा है। हालात ये है कि बीते 30 दिनों में घर के जरूरी सामानों के साथ अब तेल रिफाइंड की कीमतों में भी 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।

किसान आंदोलन ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, तेल की कीमतों में लगातार हो रहा है उछाल

नए कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। 28 नवम्बर से किसान अपनी मांगों के समर्थन में दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। कड़ाके की ठंड के बाद बारिश के सितम में भी किसानों का धरना जारी है। किसान आंदोलन का असर अब आम लोगो पर भी दिखने लगा है। हालात ये है कि बीते 30 दिनों में घर के जरूरी सामानों के साथ अब तेल रिफाइंड की कीमतों में भी 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।

वाराणसी के होल सेल बाजारों में तेल रिफाइंड की जो दिसम्बर की शुरुआत में 90 से 110 रुपये प्रति किलो थी वो आज 140 से 150 रुपये किलो तक जा पहुंची है। सिर्फ तेल और रिफाइंफ ही नहीं, बल्कि मेवे के भाव में भी 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।  ऑयल कारोबार से जुड़े शहर के होलसेल व्यवसायी अनूप गुप्ता की माने तो किसान आंदोलन के कारण राजस्थान और गुजरात से आने वाले तेल और रिफाइंफ की आवक कम हुई है। जिससे कीमतों में उछाल आई है।

व्यवसायी अनिल कुमार ने बताया कि दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के बाद से माल की आवक कम होने के साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने किराए में भी इजाफा किया है। जिसके कारण खाद्य सामग्रियों की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, पिछले दो दिनों से रेट में कोई इजाफा नहीं हुआ है।वाराणसी में तेल, रिफाइंफ के अलावा अन्य जरूरी सामानों के कीमतों में उछाल ने गृहणियों का बजट बिगाड़ दिया है।