UP Panchayat Chunav 2021 : पंचायत चुनाव का आगाज आरक्षण सूची हुई जारी नामांकन से लेकर मतगणना तक होगा

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों का बिगुल बज चुका है। इसका पहला चरण यानी ग्राम पंचायतों से लेकर जिला पंचायत तक की आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। अब इस जारी सूची पर 8 दिनों के अन्दर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके बाद 15 मार्च को अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। अब सूची के आने के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार अब तारीखों की घोषणा के इंतजार में हैं।

UP Panchayat Chunav 2021 : पंचायत चुनाव का आगाज आरक्षण सूची हुई जारी नामांकन से लेकर मतगणना तक होगा

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों का बिगुल बज चुका है। इसका पहला चरण यानी ग्राम पंचायतों से लेकर जिला पंचायत तक की आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। अब इस जारी सूची पर 8 दिनों के अन्दर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके बाद 15 मार्च को अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। अब सूची के आने के बाद चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार अब तारीखों की घोषणा के इंतजार में हैं।

यदि आप तक अभी भी सूची नहीं पहुंची और आपको सूची देखना है तो आप जिला मुख्यालय जाकर इस सूची को देख सकते हैं। यह सूची सभी जिला मुख्यालयों पर चस्पा कर दी गई है। जहां पर जाकर आप अपने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ब्लॉक वार आरक्षण सूची जाकर देख सकते हैं।

बता दें, ये सूची अंतिम सूची नहीं है। यदि इस सूची से आप संतुष्ट नहीं हैं तो 8 दिनों के अंदर आप अपनी आपत्ति  दर्ज करवा सकते हैं। जिसके बाद विभाग उस सीट पर एक बार फिर विचार करेगा और अंतिम सूची 15 मार्च को जारी की जाएगी। 15 मार्च को फाइनल सूची जारी होने के बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है।


वर्ष 2021 में होने जा रहे पंचायत चुनाव में सरकार पेपरलेस वर्क कराने पर जोर दे रही है। इस बार उम्मीदवारों के नामांकन से लेकर वोटों की गिनती तक का ब्योरा ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव में कर्मचारियों की लगने वाली ड्यूटी का भी ऑनलाइन ब्योरा तैयार किया जाएगा। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली को अधिक से अधिक डिजिटाइज करने के निर्देश दिए हैं।


जिसके बाद आलाधिकारी पंचायत चुनाव को पेपरलेस बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। चुनाव से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि, वह चुनाव कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने में पेपर का उपयोग कम से कम करें। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने से लेकर मतदान केंद्रों तक के ब्योरे को डिजिटल किया जा रहा है।