U.P. के निजी अस्पताल OPD और पैथोलॉजी की सेवाएं ठप

उत्तर प्रदेश में मौजूद हजारों की संख्या में संचालित निजी अस्पतालों की OPD सेवा और पैथालॉजी की जांच शुक्रवार को पूरी तरह बंद रही। सिर्फ इमरजेंसी सेवा और कोरोना मरीजों का ही इलाज किया गया।

U.P. के निजी अस्पताल OPD और पैथोलॉजी की सेवाएं ठप
U.P. के निजी अस्पताल OPD और पैथोलॉजी की सेवाएं ठप उत्तर प्रदेश में मौजूद हजारों की संख्या में संचालित निजी अस्पतालों की OPD सेवा और पैथालॉजी की जांच शुक्रवार को पूरी तरह बंद रही। सिर्फ इमरजेंसी सेवा और कोरोना मरीजों का ही इलाज किया गया। पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटर में भी 24 घंटे तक कामकाज ठप रहेगा। इसकी वजह आयुष डॉक्टरों को 60 प्रकार की सर्जरी करने की छूट दिए जाने और देश में वर्ष 2030 से इंटीग्रेटेड मेडिसिन को लागू करने का विरोध है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के आह्वान पर यूपी में भी हड़ताल की जा रही है। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी IMA को समर्थन का आश्वासन दिया है‚ लेकिन वहां कामकाज प्रभावित नहीं होगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के केन्द्र सरकार के फैसले को लेकर नाराज़गी की वजह से 8 दिसम्बर को भारत बंद के दिन ही वह दो घंटे के लिए सांकेतिक विरोध जता चुका है। आईएमए के यूपी स्टेट ब्रांच के प्रेसिडेंट डॉ.अशोक राय ने बताया कि सभी 15 हजार निजी अस्पताल‚ पैथोलॉजी व डायग्नोस्टिक सेंटरों में 12 घण्टे तक यह बंदी रहेगी। इसकी शुरुआत शुक्रवार सुबह छह बजे से शनिवार सुबह छह तक रहेगी। इस दौरान इमरजेंसी व कोविड सेवाएं बहाल रहेंगी। आईएमए यूपी ब्रांच के सचिव जयंत शर्मा ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने बीएएमएस के डि़ग्री वालों को प्रशिक्षण देकर 60 तरह के आपरेशन के लिए अनुमति दी है। इसको लेकर आईएमए का विरोध है। आयुष डॉक्टरों को आधे–अधूरे ढंग से ब्रिज कोर्स कराकर सर्जरी करने की छूट दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें एमबीबीएस के बराबर करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड मेडिसिन के लिए केंद्र सरकार ने समितियां गठित की हैं।