Dinesh Trivedi : विधानसभा चुनाव से पहले TMC को राज्यसभा में एक और झटका दिनेश त्रिवेदी का इस्तीफा का ऐलान

अमूमन हर चुनाव में देखा जाता है कि पार्टी में नेता दर दर भटकते हैं , कई बार पार्टी को ही चकमा देकर दूसरे पार्टी में चले जाते हैं , कारण यह रहता है कि अच्छे पद या फिर कोई दूसरी सीटों का लालच उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे तमाम जगह ऐसे नेताओं को देखा जाता है। जो सत्ता में आने के बावजूद विपक्षी पार्टियों का दामन थाम लेते हैं या फिर सत्ताधारी पार्टियों का दामन थाम लेते हैं ।

Dinesh Trivedi : विधानसभा चुनाव से पहले TMC को राज्यसभा में एक और झटका दिनेश त्रिवेदी का इस्तीफा का ऐलान

अमूमन हर चुनाव में देखा जाता है कि पार्टी में नेता दर दर भटकते हैं , कई बार पार्टी को ही चकमा देकर दूसरे पार्टी में चले जाते हैं , कारण यह रहता है कि अच्छे पद या फिर कोई दूसरी सीटों का लालच उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे तमाम जगह ऐसे नेताओं को देखा जाता है। जो सत्ता में आने के बावजूद विपक्षी पार्टियों का दामन थाम लेते हैं या फिर सत्ताधारी पार्टियों का दामन थाम लेते हैं ।

जल्द ही असम में चुनाव होने हैं , इसको लेकर बीजेपी ,कॉन्ग्रेस, टीएमसी, समेत कई अन्य छोटी-बड़ी पाटिया मैदान में उतर चुकी हैं ,और जोरों शोरों से चुनाव प्रचार जारी है बस इंतजार है तो चुनाव आयोग का की कब चुनाव होने हैं , जानकारी के मुताबिक चुनाव 7 से 8 फेस में होंगे क्योंकि 200 से अधिक विधानसभा सीट होने कारण यहां पर 7 से 8 फेस में चुनाव हुए हैं ।

अब खबर आ रही है टीएमसी के सांसद दिनेश त्रिवेदी ने टीएमसी से इस्तीफा देने को कह दिया है , मामला यह है कि राज्यसभा में सांसद दिनेश त्रिवेदी ने इस्तीफा का ऐलान किया है इस्तीफे का एलान करते हुए दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि जिस प्रकार से हिंसा हो रही है ,मुझे यहां बैठे-बैठे बहुत अजीब लग रहा है, मुझसे यह देखा नहीं जा रहा है, हम करे तो क्या करें क्या , हम एक जगह तक सीमित है पार्टी के भी कुछ नियम होते हैं इसलिए मुझे भी घुटन महसूस हो रही है।
 
राज्यसभा में दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि हम रविंद्र नाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और खुदही रहमान बोस के देश से आते हैं, स्वामी विवेकानंद कहां करते थे हम पार्टी में रहेंगे तो सीमित रहेंगे , दिनेश त्रिवेदी ने कहा यहाँ पर घुटन महसूस हो रही है कि कुछ कर नहीं पा रहा हूं, मुझे से बंगाल की हिंसा देखी नहीं जा रही घुटन महसूस हो रही है मेरी आत्मा की आवाज कह रही है कि अगर यहां बैठे-बैठे यदि आप चुपचाप रहो और कुछ ना कर सको तो यहां त्यागपत्र दो और वहां जाकर काम करो