'रुद्र' के नाम से जारी पोस्टर ने बनारस में मचाई हलचल जानिए ऐसा क्या है इस पोस्टर में !

शहर बनारस नए साल 2022 की तैयारी में जुट चुका है नए साल को यादगार बनाए के लिए बनारस ने तमाम तरीके से तैयारियां शुरू कर दी है और इन सबके बीच बजरंग दल ने वाराणसी के मॉल और रेस्टोरेंट तक के बाहर पोस्टरों चस्पा किए है और इस पोस्टर पर कुछ ऐसे बाते लिखी है जिससे सभी चौक पड़े है इस पोस्टर पर साफ-साफ लिखा है कि नए वर्ष का जश्न मनाना सनातन परंपरा के खिलाफ है लिहाजा ऐसे किसी भी जश्न का आयोजन मॉल और रेस्टोरेंट नहीं कर सकते हैं वाराणसी के केंटोंमेंट इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इलाके के मॉल, रेस्टोरेंट और होटलों के बाहर चेतावनी भरे पत्र लगाने शुरू किए हैं |

'रुद्र' के नाम से जारी पोस्टर ने बनारस में मचाई हलचल जानिए ऐसा क्या है इस पोस्टर में !

शहर बनारस नए साल 2022 की तैयारी में जुट चुका है नए साल को यादगार बनाए के लिए बनारस ने तमाम तरीके से तैयारियां शुरू कर दी है और इन सबके बीच बजरंग दल ने वाराणसी के मॉल और रेस्टोरेंट तक के बाहर पोस्टरों चस्पा किए है और इस पोस्टर पर कुछ ऐसे बाते लिखी है जिससे सभी चौक पड़े है इस पोस्टर पर साफ-साफ लिखा है कि नए वर्ष का जश्न मनाना सनातन परंपरा के खिलाफ है लिहाजा ऐसे किसी भी जश्न का आयोजन मॉल और रेस्टोरेंट नहीं कर सकते हैं वाराणसी के केंटोंमेंट इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इलाके के मॉल, रेस्टोरेंट और होटलों के बाहर चेतावनी भरे पत्र लगाने शुरू किए हैं | 

बजरंग दल के काशी महानगर संयोजक निखिल त्रिपाठी 'रुद्र' के नाम से जारी इन पोस्टरों में साफ लिखा है,काशी नगरी हिंदुओं की आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का केंद्र है. दुनिया में इसे भारत की सांस्कृति राजधानी भी कहा जाता है. दुनिया के लोग यहां धर्म, ज्ञान, अध्यात्म और मोक्ष के लिए आते हैं. काशी की महत्वपूर्ण पहचान इस नगर की प्राचीनता और आध्यामित्कता है, लेकिन कुछ व्यवसायिक प्रतिष्ठान, शॉपिंग मॉल, क्लब पश्चात संस्कृति के नववर्ष के नाम पर धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं|