सीबीआई जांच और तत्काल प्रतिबन्ध की मांग, SC पंहुचा तब्लीगी जमात का मामला | Tablighi Jamaat

तब्लीगी

 

तब्लीगी जमात की वजह से इस वक्त देश पर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है| अब लॉक डाउन खोलने का वक्त भी नजदीक आ गया है | लेकिन तेजी से कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुवे अब भी इस बात पर संसय बना हुवा है की लॉक डाउन खुलेगा या नहीं | इस बिच ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। दरसल दिल्ली के रहने वाले अजय गौतम ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को लैटर पिटीशन भेजी है | इस पिटीशन में तब्लीगी जमात की गतिविधियों पर रोक लगाने और इस धार्मिक आयोजन के जरिए पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैलाने की साजिश की सीबीआइ से जांच करने की मांग की गई है। ईमेल के जरिए भेजी गई इस लेटर पिटीशन में अजय गौतम ने मांग की है कि रिट याचिका मान कर कोर्ट इसपर सुनवाई करे। साथ ही तत्काल प्रभाव से तब्लीगी जमात की सभी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार और केन्द्रीय गृह मंत्रालय को आदेश दे । इस लेटर पिटीशन में यह भी कहा गया है कि सरकार ने स्पष्ट तौर पर लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई थी और डिसास्टर मैनेजमेंट कानून में आदेश भी जारी किये थे लेकिन फिर भी दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के इस आयोजन में करीब दस हजार लोगों ने भाग लिया जिसमें करीब 61 देशों के सैकड़ों विदेशी नागरिक भी शामिल थे। 15 मार्च को आयोजन खत्म हो जाने के बाद भी तब्लीगी जमात ने निजामुनद्दीन में करीब 2700 लोगों को 31 मार्च तक रोकेरखा। आप को बता दे इस वजह से देश के करीब 21 राज्यों में कोरोना संक्रमण फैल चुका है । इसके साथ ही इस याचिका में कहा गया है की कोरोना संक्रमण के 35-40 फीसदी मामले आयोजन में भाग लेने वालों के हैं। इस पत्र में यह भी कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत तब्लीगी जमात की निजामुद्दीन स्थित बिल्डिंग को गिराया जाए। क्योंकि उनकी जानकारी के इस सात मंजिला इमारत का निर्माण बिना किसी मंजूरियों के हुआ है।इसके अलावा तब्लीगी जमात पर कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलाने के कथित आरोप की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है और इसके अलावा दिल्ली के नार्थ ईस्ट में हुए दंगे मे भी इसकी भूमिका की जांच सीबीआइ को सौपने को कहा गया है । बता दे इस पिटीशन में ये भी मांग की गईं कार्रवाई करने में चूकने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी सरकार कड़ी कार्रवाई करे