तब्लीगी मरकज इस राज्य के इतने लोगों ने लिया था हिस्सा - Uttarpradesh News

Coronavirus के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए पूरा देश LockDown है, लेकिन कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसी ही बड़ी लापरवाही दिल्ली के Nizamuddin में देखने को मिली है। यहां बीती 13 से 15 मार्च के बीच तब्लीगी मरकज में बड़ी संख्या में शामिल हुए (जाने पूरी रिपोर्ट)

तब्लीगी मरकज इस राज्य के इतने लोगों ने लिया था हिस्सा - Uttarpradesh News
तब्लीगी मरकज इस राज्य के इतने लोगों ने लिया था हिस्सा - Uttarpradesh News

तब्लीगी मरकज इस राज्य के इतने लोगों ने लिया था हिस्सा

Coronavirus के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए पूरा देश LockDown है, लेकिन कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसी ही बड़ी लापरवाही दिल्ली के Nizamuddin में देखने को मिली है। यहां बीती 13 से 15 मार्च के बीच तब्लीगी मरकज में बड़ी संख्या में शामिल हुए। अब खुलासा हुआ है कि इनमें से कइयों को कोरोना वायरस था। इस भीड़ में शामिल लोगों में से अब तक 10 की मौत कोरोना वायरस के कारण हो चुकी है, वहीं 300 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मरने वालों में छह तेलंगाना के हैं। दिल्ली सरकार ने पुलिस से तब्लीगी मरकज के मौलाना के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने को कहा है। पढ़िए मामले से जुड़े लाइव अपडेट्स -

दिल्ली में तब्लीगी जमात में आगरा से गए थे छह जमाती : दिल्ली में हुई जमात में आगरा से छह जमाती गए थे। इनमें से आगरा के तीन, जबकि फीरोजाबाद का एक और एटा के दो शामिल थे। डीजीपी के अलर्ट जारी करने के बाद आगरा से सभी के बारे में जानकारी की गई। अभी तक ये दिल्ली में ही ठहरे हुए हैं। डीजीपी कार्यालय भेजी गई सूची में आगरा के वजीरपुरा निवासी आसिफ, नाई की मंडी निवासी जीशान, मलपुरा के मुल्ला की प्याऊ निवासी इरबाज शामिल हैं। इनके साथ फीरोजाबाद के नक्कारची टोला निवासी रिहान, एटा के जलेसर निवासी आजम खान और गुफरान भी गए थे। एलआइयू की रिपोर्ट के अनुसार ये सभी अभी तक दिल्ली में मरकज मस्जिद निजामुद्​दीन में ही एक साथ मौजूद हैं। इधर,मथुरा से भी जमाती भी गए थे। इनमें एक लौट आया है।उसका कोरोना की जांच को नमूना लिया गया था। वह निगेटिव मिला है।

मरकज में शामिल हुए थे कई देशों के प्रतिनिधि-
कि कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के बीच मशहूर निजामुद्दीन मस्जिद में जमात के लिए मरकज का आयोजन किया। इस मरकज में श्रीलंका, चीन, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान समेत दुनिया कई देशों के सैकड़ों जमातियों हिस्सा लिया था। यहां आए कई लोग उत्तर प्रदेश के देवबंद भी गए थे। ऐसे में तमाम लोगों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने डर गहरा गया है। कोरोना संक्रमण फैलने के बीच अब निजामुद्दीन का तबलीगी जमात चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसके बारे में बात कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि आखिरी यहां से तमाम लोगों तक कैसे कोरोना संक्रमण पहुंचा। जानिए कैसे और कब शुरू हुआ तबलीगी जमात।