मुसलमान अब प्रियंका के साथआ रही है, कांग्रेस सरकार -शाहनवाज़ आलम |

सपा ऐसी भैंस है जिसे चारा तो 20 फीसदी वाले खिलाते थे लेकिन दूध सिर्फ़ 5 फीसदी वाले ही दूहते थे। अब मुसलमान इस छलावे को समझ चुका है। इस बार मुसलमान दूसरे सभी वर्गों के साथ मिलकर कांग्रेस की सरकार बनवाने का मन बना चुका है। ये बातें अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कहीं। दरसअल आप को बतादे जिला कांग्रेस कार्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसको संबोधित करते हुए शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव अब अपनी जाति के ढाई फीसदी वोटों के ही नेता रह गए हैं। उनकी कुल आबादी का आधा हिस्सा उनका साथ छोड़ चुका है। जो बचे भी हैं वो मुसलमानों से वोट तो ले लेते हैं लेकिन देते नहीं हैं। इसीलिए लोकसभा चुनाव में सपा- बसपा गठबंधन सिर्फ़ रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, आजमगढ़, अमरोहा और सहारनपुर जैसी मुस्लिम बहुल सीटें ही जीत पायी।

मुसलमान अब प्रियंका के साथआ रही है,  कांग्रेस सरकार -शाहनवाज़ आलम |

सपा ऐसी भैंस है जिसे चारा तो 20 फीसदी वाले खिलाते थे लेकिन दूध सिर्फ़ 5 फीसदी वाले ही दूहते थे। अब मुसलमान इस छलावे को समझ चुका है। इस बार मुसलमान दूसरे सभी वर्गों के साथ मिलकर कांग्रेस की सरकार बनवाने का मन बना चुका है। ये बातें अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम ने कहीं।  

दरसअल आप को बतादे जिला कांग्रेस कार्यालय पर एक  प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसको संबोधित करते हुए शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव अब अपनी जाति के ढाई फीसदी वोटों के ही नेता रह गए हैं। उनकी कुल आबादी का आधा हिस्सा उनका साथ छोड़ चुका है।

जो बचे भी हैं वो मुसलमानों से वोट तो ले लेते हैं लेकिन देते नहीं हैं। इसीलिए लोकसभा चुनाव में सपा- बसपा गठबंधन सिर्फ़ रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, आजमगढ़, अमरोहा और सहारनपुर जैसी मुस्लिम बहुल सीटें ही जीत पायी। 

कन्नौज, बदायूं और फिरोजाबाद जैसी अपनी जाति की बहुलता वाली सीटें भी अखिलेश यादव हार गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई परिवार ने राम गोपाल यादव को नोएडा प्राधिकरण घोटाले में जेल जाने से बचाने के लिए आज़म खान को योगी सरकार से एक डील के तहत जेल भिजवाया है।

इस चुनाव में मुसलमान आज़म खान से हुए धोखे का भी हिसाब सपा से लेगा। बताया जा रहा है की अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दो दिवसीय दौरे पर मुरादाबाद आए हैं और विभिन्न क़स्बों और गावों में जन संवाद कार्यक्रमों में शामिल होंगे।