शहर में बिछी ओलों की चादर | बनारस में बारिश | वाराणसी में ओलावृष्टि | ZNDM NEWS |

शहर में सुबह नौ बजे के करीब बादलों ने अचानक बरसात के सात ओलों की जोरदार बौछार भी कर दी। आज नौ बजे के बाद अचानक काले बादलों ने आसमान में कब्‍जा जमाया और देखते ही देखते बारिश के साथ बड़े बड़े ओलों से जमीन में बर्फ की एक परत बिछ गई।अचानक बूंदाबांदी के बीच जोरदार ओलावृष्टि होने से चारों ओर एक सफेद बर्फ की चादर जमीन पर फैल गई।

शहर में सुबह नौ बजे के करीब बादलों ने अचानक बरसात के सात ओलों की जोरदार बौछार भी कर दी। आज नौ बजे के बाद अचानक काले बादलों ने आसमान में कब्‍जा जमाया और देखते ही देखते बारिश के साथ बड़े बड़े ओलों से जमीन में बर्फ की एक परत बिछ गई।अचानक बूंदाबांदी के बीच जोरदार ओलावृष्टि होने से चारों ओर एक सफेद बर्फ की चादर जमीन पर फैल गई। बारिश संग ओलों की बरसात ने पूर्वांचल के कई जिलों में दस्‍तक दी है। ओले की आवाज से लोगाें की नींद में खलल भी पड़ी। बारिश और ओले की बौछार से बचने के लिए सड़क पर निकले लोग अचानक इधर उधर भागने लगे और दुकानों में छिप गए, कुछ लोग ओलावृष्टि के का वीडियो भी बनाते दिखे| सुबह का ामय होने इ ज्यादातर स्कूल के बच्चे भी सड़को पे दिखे, ओलों की सफ़ेद चादर को देख कर बच्चो के चहरे भी खिल उठे थे | हालाँकि ओलावृष्टि का दौर दस से पंद्रह मिनट तक का ही रहा और फिर बादल छंटने लगे। वहीं ओलों की बरसात के बाद मौसम साफ होते ही लोगों ने राहत की सांस भी ली है। मौसम वैज्ञानियों ने पहले ही ओले पड़ने की संभावना जता दी थी।हालाँकि शहर में इस दौरान कम ओलावृष्टि हुई मगर आंचलिक क्षेत्रों में काफी देर तक बारिश और ओलों के साथ तेज हवाओं का रुख रहा। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ओलावृष्टि से पूर्वांचल के कई जिलों में फसलें प्रभावित हुई हैं। आधी रात के बाद से ही पूर्वांचल के अमूूमन सभी जिलों में ओलावृष्टि हुई और लोगों की सब्‍जी और तिलहनी फसलाें को इससे सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जबकि कई जगहों पर सरसों की फसल चौपट होने से किसानों की मेहनत पर पानी फ‍िर गया है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार आगे भी अगर बारिश हुई तो खेती को नुकसान हो सकता है। वहीं किसानों का मानना है कि आगे भी यही हाल रहा तो इस सीजन की फसल बचाना भी मुश्किल होगा।