शबनम केस :क्या होगा राज्यपाल का फैसला शबनम केस में महिला ने दिया था जघन्य घटना को अंजाम जानिए क्या हैं मामला

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाली महिला ने फांसी से पहले एक बार फिर राज्यपाल आनंदीबेन से दया की गुहार लगाते हुए एक नयी याचिका भेजी है | आजादी के बाद देश में किसी महिला को फांसी देने का यह पहला मामला है बता दे शबनम और उसका प्रेमी सलीम एक साथ फांसी पर लटकाये जायेंगे इसके लिए मथुरा जेल में तैयारियां चल रही है . दरसअल आप को बतादे की अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम का सलीम के साथ प्रेम संबंध थे।

शबनम केस :क्या होगा राज्यपाल का फैसला शबनम केस में महिला ने दिया था जघन्य घटना को अंजाम जानिए क्या हैं मामला

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने वाली महिला ने फांसी से पहले एक बार फिर राज्यपाल आनंदीबेन से दया की गुहार लगाते हुए एक नयी याचिका भेजी है | आजादी के बाद देश में किसी महिला को फांसी देने का यह पहला मामला है बता दे शबनम और उसका प्रेमी सलीम एक साथ फांसी पर लटकाये जायेंगे इसके लिए मथुरा जेल में तैयारियां चल रही है . दरसअल आप को बतादे  की अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम का  सलीम के साथ प्रेम संबंध थे। लेकिन दोनों के संबंधों को लेकर परिजन विरोध कर रहे थे। शबनम ने 14 अप्रैल, 2008 की रात अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा काम किया की देश में ये मुद्दा काफी समय तक हाइलाइट रहा दरसअल 14 अप्रैल, 2008 की रात शबनम ने अपने माता-पिता और 10 माह के भतीजे समेत परिवार के सात लोगों को पहले बेहोश करने की दवा खिलाई और बारी बारी से  कुल्हाड़ी से सभी को काट डाला |

 इस भयंकर हत्याकांड के बाद देश में ये मामला बहुत हाइलाइट हुवा | इस केस में अमरोहा की जिला अदालत ने 2010 में दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। यही नहीं जब ये मामला हाईकोर्ट  पहुंचा तब भी वह ने भी फांसी की सजा दी गई । 2015 में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो वहां भी लोअर कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया। राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से भी 11 अगस्‍त 2016 को शबनम की दया याचिका को ठुकरा दिया गया था। और अब प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही परिवार के 7 लोगों की हत्या करने वाली शबनम ने  दया के उम्मीद में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास दया याचिका भेजी है तो वहीं  आप को बता दे उसके बेटे ने भी राष्ट्रपति से मां के लिए दया की गुहार लगाई है।


शबनम का बेटा नाबालिग है और मां से मिलने जेल जाता रहता है। अब देखना होगा का राज्यपाल का इस मामले पर क्या फैसला होगा और इस मामले पर क्या निर्णय आएगा इन दो अपीलों के बाद   पता चलेगा इस जघन्य घटना को अंजाम देने वाली शबनम के पास फिलहाल उम्मीद बची है कि शायद उसे राष्ट्रपति से राहत मिल जाए। हालांकि अगर राष्ट्रपति रिव्यू पिटिशन में फैसला बरकरार रखते हैं तो शबनम फांसी की सजा पाने वाली आजाद भारत की पहली महिला होगी। इस भयंकर घटना  देने वाली शबनम का डेथ वारंट का कभी भी जारी हो सकता है और शबनम को किसी भी वक्त फांसी पर लटकाया जा सकता है।