कोविद -19 के गाइडलाइन्स को देखते हुए आज काशी में मनाया गया नवरात्रि

काशी में नवरात्र के दिन भारी संख्या में श्रद्धालु शक्ति स्वरूपा के दर्शन करने के लिए आते हैं कोविड-19 के तेजी से फैलते संक्रमण के चलते दर्शनार्थियों की भीड़ मंदिरों में कम दिखाई दे रही है प्रशासन की तरफ से गाइडलाइन जारी किया गया है कि कोविड-19 के तहत लोग दर्शन करें जिसका मंदिर प्रशासन बखूबी पालन कर रहा है|

कोविद -19 के गाइडलाइन्स को देखते हुए आज काशी में मनाया गया नवरात्रि

नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन किया जाता है। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का बहुत महत्व होता है। इस बार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 20 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार को पड़ रही है। इस दिन मां महागौरी की पूजा करने का प्रावधान है। अष्टमी और नवमी तिथि पर लोग अपने घरों और मंदिरों में हवन एवं कन्या पूजन करते हैं। नवरात्रि में अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी भी कहा जाता है। अष्टमी तिथि पर मां आदिशक्ति जगदंबा की पूजा आराधना करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं तो चलिए जानते हैं दुर्गा अष्टमी शुभ मुहूर्त महत्त्व और पूजन विधि | 

 


काशी में नवरात्र के दिन भारी संख्या में श्रद्धालु शक्ति स्वरूपा के दर्शन करने के लिए आते हैं कोविड-19 के तेजी से फैलते संक्रमण के चलते दर्शनार्थियों की भीड़ मंदिरों में कम दिखाई दे रही है प्रशासन की तरफ से गाइडलाइन जारी किया गया है कि कोविड-19 के तहत लोग दर्शन करें जिसका मंदिर प्रशासन बखूबी पालन कर रहा है ऐसे में कहा जा सकता है कहीं ना कहीं आस्था पर कोरोनावायरस ता हुआ नजर आ रहा है आपको यह ये भी बताते चलें कि चैत नवरात्र के अष्टमी के दिन ही भारी मात्रा में काशी में आते हैं काशी के घाटों पर नए सवंत्सर  चैत्र नवरात्र  सूरज का भी लोगों ने दर्शन के बाद स्वागत कर देश में अमन शांति का आशीर्वाद भी मांगते हैं लेकिन इस बार घाटों पर पाबंद लगने की वजह से ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है |