रंगभरी एकादशी 2021 -इस बार की रंगभरी एकादशी कुछ ख़ास है जानिए क्यों

एकादशी का व्रत सभी व्रतों में विशेष माना गया है| वहीं एकादशी व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक बताया गया है| एकादशी का व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है| इस साल की रंगभरी एकादशी कुछ विशेष होगी। बाबा विश्वनाथ जब मां पार्वती का गौना कराकर घर लौटेंगे तो मां गौरा को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का पूरा परि²श्य बदला-बदला दिखेगा।

रंगभरी एकादशी 2021 -इस बार की रंगभरी एकादशी कुछ ख़ास है जानिए क्यों

एकादशी का व्रत सभी व्रतों में विशेष माना गया है| वहीं एकादशी व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक बताया गया है| एकादशी का व्रत सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है| इस साल की रंगभरी एकादशी कुछ विशेष होगी। बाबा विश्वनाथ जब मां पार्वती का गौना कराकर घर लौटेंगे तो मां गौरा को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का पूरा परि²श्य बदला-बदला दिखेगा। मां पार्वती पहली बार बिना रुकावट सीधे मां गंगा को देख  पाएंगी। बाबा धाम को विस्तार देते हुए 50260 वर्ग मीटर में  339 करोड़ की लागत से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कारिडोर को मूर्त रूप दिया जा रहा है।

वैसे तो काशी में रंगों की छटा महाशिवरात्रि से ही शुरू हो जाती है लेकिन बाबा की नगरी में एक दिन ऐसा भी रहता है जब बाबा खुद अपने भक्तों के साथ होली खेलते हैं। रंगभरी एकादशी पर बुधवार को बाबा विश्‍वनाथ, मां गौरा और पुत्र गणेश संग सपरिवार रंगभरी एकादशी के दिन पालकी पर सवार होकर निकलेंगे। देवाधिदेव महादेव अपनी नगरी को देखेंगे। काशी भोले भंडारी के रंग में रंग जाएगी। 

बाबा की चल प्रतिमा का दर्शन भी श्रद्धालुओं को होगा। बाबा के दर्शन को आस्था का महासागर काशी की गलियों में उमड़ पड़ेगा। मान्यता है की देव लोक से सभी देवी-देवता बाबा पर गुलाल वर्षा करते हैं। मंदिर के आसपास का वातावरण अबीर और गुलाल से सराबोर हो जाता है. भक्त जमकर बाबा के साथ होली खेलते हैं। बाबा मां पार्वती का गौना कराकर वापस लौटते हैं। उनकी प्रतिमा को बाबा विश्वनाथ के आसन पर बैठाई जाती है. जब गौना होकर मंदिर परिसर में आएंगी तो पालकी पूरे मंदिर परिसर में घुमाई जाएगी। फिर तो इस बार मां गौरा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का भव्य रूप देखेंगी, जो विस्तार ले रहा है. नया आकार  ले रहा है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के  मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार  वर्मा ने बताया कि गौने के बाद मंदिर पहुंचे मां व बाबा के भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई है|