Baghpat में सोये हुए किसानों पर बरसी उत्तर प्रदेश पुलिस कि लाठी

यूपी के बागपत जिले में कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 40 दिन से डटे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया। पुलिस ने किसानों के टेंट भी उखाड़े। इस दौरान किसानों को चोट भी आई हालांकि बागपत के एडीएम ने इससे इनकार करते हुए कहा कि किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया, उन्होंने कहा कि बहुत शांतिपूर्ण ढंग से धरना खत्म कराया गया , पर जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है उसे पता चल रहा है पुलिस ने सोये हुए किसानो पर लाठी चार्ज किया है और उनको आधी रात में मारा गया है।

Baghpat में सोये हुए किसानों पर बरसी उत्तर प्रदेश पुलिस कि लाठी

यूपी के बागपत जिले में कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 40 दिन से डटे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया। पुलिस ने किसानों के टेंट भी उखाड़े। इस दौरान किसानों को चोट भी आई हालांकि बागपत के एडीएम ने इससे इनकार करते हुए कहा कि किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया, उन्होंने कहा कि बहुत शांतिपूर्ण ढंग से धरना खत्म कराया गया , पर जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है उसे पता चल रहा है पुलिस ने सोये हुए किसानो पर लाठी चार्ज किया है और उनको आधी रात में मारा गया है। 

  किसान नेता ब्रजपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है । किसान पिछले 40 दिन से यहां दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे थे। 

वही बागपत के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमित कुमार सिंह ने कहा, "एनएचएआई ने हमें लिखा कि विरोध के कारण उनका काम बाधित हो रहा था। हम साइट को खाली करवाने के लिए यहां आए थे। कुछ बुजुर्गों सहित प्रदर्शनकारियों ने शांति से जगह को छोड़ दिया।"

उन्होंने बताया, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हमने किसी भी बल का इस्तेमाल नहीं किया। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति समेत बुजुर्गों को शांति पूर्वक उऩके घर भेज दिया गया। जगह को खाली कराते समय किसी को चोट लगने पर अमित कुमार ने कहा कि  किसी को भी कोई चोट नहीं आई है, विरोध स्थल को खाली कारने के लिए किसी भी बल का प्रयोग नहीं किया गया।

अब आगे देखना होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपने बचाओ में और क्या क्या बोलती है , पर जो वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसमे कुछ और दिख रहा है