जाने प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे और योजनाओ का विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी यह जान सभा भी करेंगे जिसके लिए मिर्जामुराद खजूरी में मंच बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वाटर व फायर प्रूफ 300 फीट चौड़ा और 438 फीट लंबा पंडाल बनने का सामान भी पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हंडिया से मोहनसराय तक बने सिक्सलेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।

जाने प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे और योजनाओ का विस्तार

  जाने प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे और योजनाओ का विस्तार  

देव दीपावली पर 30 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी दौरा संभावना है। इसे लेकर जिला प्रशासन और पार्टी के ओर से तैयारियां तेज हो गयी है। जानकारी के अनुसार वह यहां पर बहुचर्चित वाराणसी-प्रयागराज (गंगा एक्सप्रेसवे) का लोकार्पण करेंगे। वाराणसी-प्रयागराज के लोगों को इस सिक्स लेन एक्सप्रेसवे की सौगात मिलेगी। एक बार पूरा होने के बाद यह एक्सप्रेसवे देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा।

साथ ही प्रधानमंत्री मोदी यह जान सभा भी करेंगे जिसके लिए मिर्जामुराद खजूरी में मंच बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वाटर व फायर प्रूफ 300 फीट चौड़ा और 438 फीट लंबा पंडाल बनने का सामान भी पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हंडिया से मोहनसराय तक बने सिक्सलेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।

तीन हैलीपैड का निर्माण किया जा रहा है

इसके साथ ही वाराणसी के राजघाट पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गंगा में दीपदान की तैयारियां चल रही है। गंगा और सीढ़ीयों पर 60 फीट लंबा और 45 फीट चौड़ा मंच बनना है। पीडब्ल्यूडी को यहां की जिम्मेदारी मिली है। यहां से प्रधानमंत्री नावों के काफिला संग घाटों पर प्रज्जवलित दीपोत्सव को निहारेंगे।

जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। बताते चले कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा के रास्ते प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। कॉरिडोर के कार्यों का निरीक्षण कर सारनाथ धम्म स्तूप पर लाइट एंड साउंड शो देखेंगे। तिब्बती संस्थान के लोगों से संवाद भी प्रस्तावित है।

कहाँ कहाँ प्रधानमंत्री करेंगे दौरा

देव दीपावली पर पहला दीपक पीएम मोदी गंगा को समर्पित करेंगे। उम्मीद है कि पीएम का हेलीकॉप्टर डूंगरी में बने हेलीपैड पर उतरेगा। इसके बाद वे नाव की सवारी करेंगे। नाव के सहारे वह खिड़किया घाट पहुंचेंगे. यहां वह कुछ योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। खास बात है कि इससे पहले पीएम मोदी कई दफे गंगा आरती में शामिल हो चुके हैं। एक्सप्रेसवे का क्षेत्रफल परियोजना के पहले चरण के लिए निर्माण की कुल लागत 37,350 करोड़ रुपये अनुमान लगायी जा रही है, जिसमें 9,500 करोड़ रुपये भूमि के अधिग्रहण पर और 24,091 रुपये निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।

परियोजना को 70 फीसदी ऋण और 30 पर्सेंट इक्विटी द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे एनएच-235 से शुरू होगा, जो मेरठ में शंकरपुर गांव के पास होगा और प्रयागराज जिले में सोरांव के पास एनएच-330 पर समाप्त होगा।