अब मजदूरों को अपने गांव के पास ही मिलेगा काम पीएम गरीब कल्याण रोजगार अभियान से - Poor Welfare Employment Scheme

कोरोना महामारी ने दुनिया के साथ ही भारत में भी बड़े मुश्किल हालात पैदा कर दिए हैं. कोरोना संक्रमण से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है. हमारे देश में भी मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है|  केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन किया था जो अब भी शर्तों के साथ दी गई छूट के साथ जारी है| 

अब मजदूरों को अपने गांव के पास ही मिलेगा काम पीएम गरीब कल्याण रोजगार अभियान से - Poor Welfare Employment Scheme
अब मजदूरों को अपने गांव के पास ही मिलेगा काम पीएम गरीब कल्याण रोजगार अभियान से - Poor Welfare Employment Scheme

अब मजदूरों को अपने गांव के पास ही मिलेगा काम पीएम गरीब कल्याण रोजगार अभियान से - Poor Welfare Employment Scheme

कोरोना संकट के इस दौर में मजदूरों पर असर पड़ा है | मजदूरों को घर पर ही काम दिलाने के लिए मोदी सरकार एक मेगा प्लान तैयार कर रही है|  मोदी सरकार इस कड़ी में 20 जून को गरीब कल्याण रोजगार अभियान लॉन्च करने जा रही है|  इस अभियान के दौरान लॉकडाउन में अपने राज्यों और गांव वापस लौटने वाले लाखों लोगों के रोजगार और पुनर्वास के लिए पूरी योजना तैयार की गयी है. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक 6 राज्यों के116 जिलों में 125 दिनों तक गरीब कल्याण रोजगार अभियान चलेगा|  इस अभियान के सरकारी तंत्र प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में काम करेंग| 

कोरोना महामारी ने दुनिया के साथ ही भारत में भी बड़े मुश्किल हालात पैदा कर दिए हैं. कोरोना संक्रमण से दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है. हमारे देश में भी मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है|  केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन किया था जो अब भी शर्तों के साथ दी गई छूट के साथ जारी है| 

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के नाम से शुरू होने वाली इस योजना से मूल रूप से ग्रामीण इलाकों के गरीबों को अधिक लाभ होगा|  इस योजना में रिवर्स माइग्रेशन के तहत अपने गांव लौटने वाले कामगारों के लिए खास प्रावधान होंगे ताकि उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा नहीं हो| बिहार,उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्य ने अपने यहां लौटे प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग की है,उसके डेटा का भी विश्लेषण किया जाएगा| उसी आधार पर योजना के तहत काम का बंटवारा होगा| गरीब कल्याण रोजगार अभियान में 25 तरह के काम की लिस्ट बनाई गई है जिसके तहत घर लौटे मजदूरों को काम दिया जाएगा| योजना के तहत 120 जिलों के लगभग 60 लाख कामगारों पर फोकस होगा. इस योजना पर पचास हजार करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे | यह केंद्र सरकार की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का हिस्सा है| 
आपको बता दे ,पूरे देश में इस अभियान में सरकार 120 जिले पर खास फोकस करेगी, जहां कोरोना महामारी के बाद किये गए लॉकडाउन के बाद सबसे अधिक प्रवासी कामगार पहुंचे हैं|  इनमें पचास से अधिक जिले बिहार और उत्तर प्रदेश में हैं|