कानून के लोग ही खाखी वर्दी पहनकर करवा रहे है अवैध खनन,चोलापुर थाने हो रही कारखासी

चोलापुर थाने पर रामप्रताप सिंह कर रहे है कारखासी,थानों से सटे गाँव रौनाकला,टेकारी, दुरेश्वरी गाँव मे जोरो पर करवा रहे है मिट्टी खनन । यही नहीं बल्कि जेसीबी से मिट्टी खनन व ट्राली व ट्रैक्टर के माध्यम से मिट्टी को दूसरे जगह भेजवाने का कार्य ज़ोरो पर है। कहीं बड़े साहब मिले कहीं तो छोटो का कारनामा ही अलग है।

कानून के लोग ही खाखी वर्दी पहनकर करवा रहे है अवैध खनन,चोलापुर थाने हो रही कारखासी

कानून के लोग ही खाखी वर्दी पहनकर करवा रहे है अवैध खनन,चोलापुर थाने हो रही कारखासी

जान कर हैरानी होगी कि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में पुलिस के उच्चाधिकारियों के सामने ही खुलेआम चोलापुर के थाने के कारखास रामप्रताप सिंह कर रहे है कारख़ासी।जहाँ उच्चाधिकारियों के आदेश का सिपाहियों में कोई भय नही नज़र आ रहा है।

सूबे के मुख्यमंत्री योगी वैसे तो जीरो टॉलरेंस की बात करते ह लेकिन उन्ही के प्रदेश में ओर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज भी हर थानों में हो रही कारख़ासी,कही सिपाही व कही दीवान खाखी के अंडर एक कारखास छुपाये बैठे हैं।

चोलापुर थाने पर रामप्रताप सिंह कर रहे है कारखासी,थानों से सटे गाँव रौनाकला,टेकारी, दुरेश्वरी गाँव मे जोरो पर करवा रहे है मिट्टी खनन । यही नहीं बल्कि जेसीबी से मिट्टी खनन व ट्राली व ट्रैक्टर के माध्यम से मिट्टी को दूसरे जगह भेजवाने का कार्य ज़ोरो पर है। कहीं बड़े साहब मिले कहीं तो छोटो का कारनामा ही अलग है। जान कर हैरानी होगी कि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में पुलिस के उच्चाधिकारियों के सामने ही खुलेआम चोलापुर के थाने के कारखास रामप्रताप सिंह कर रहे है कारख़ासी।जहाँ उच्चाधिकारियों के आदेश का सिपाहियों में कोई भय नही नज़र आ रहा है।

चोलापुर थाना के सिपाही (कारखास ) रामप्रताप सिंह की खनन माफियो से बातचीत की ऑडियो हुई वॉयरल जिससे कई  अधिकारियों की पोल खुल गयी। इस वायरल वीडियो में दो आवाजे सामने आई है जिसमें एक आवाज चोलापुर थाना के सिपाही मक्कार कार की भूमिका में रामप्रताप प्रताप सिंह की है और दूसरी खनन माफिया की जिसमें सिपाही रामप्रताप से खुले तौर पर खनन माफिया को दस ट्रॉली मिट्टी गिराने की अनुमति दे रहे हैं।

अब देखने वाली बात यह है कि अब ये कारखास रामप्रताप सिंह की मिट्टी खनन माफियो की ऑडियो सुनते ही व फ़ोटो देखते ही पुलिस के उच्चाधिकारी द्वारा कौन से गंभीर कदम लिए जाते हैं।