मोदी सरकार का कोरोना राहत पैकेज दुनिया के सबसे बड़े पैकेज में से एक ,पाकिस्तान के सालाना बजट से 6 गुना ज्यादा है ये पैकेज -जानिए क्या खास होगा इस राहत पैकेज में

कोरोना संकट काल के बीच कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। देश को संबोधित करते हुए उन्होने देश को आतम निर्भर होने की बात कही साथ उन्होने दुनिया सबसे बड़ा कोरोना राहत पैकेज की भी धोषणा की। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मोदी सरकार का 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज दुनिया के सबसे बड़े पैकेज में से एक है......

मोदी सरकार का कोरोना राहत पैकेज दुनिया के सबसे बड़े पैकेज में से एक ,पाकिस्तान के सालाना बजट से 6 गुना ज्यादा है ये पैकेज -जानिए क्या खास होगा इस राहत पैकेज में

 

यह देश की जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर का राहत पैकेज है. अब तक अमेरिका अपनी जीडीपी के 11 फीसदी और जापान 20 फीसदी से ज्यादा के कोरोना राहत पैकेज का एलान कर चुका है | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज देश को आत्मनिर्भर बनाने में काफी मदद करेगा |


कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है. इस कारण ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं. फिलहाल कुछ छूट के साथ लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है, जो 17 मई को पूरा होगा. पीएम मोदी ने इसके बाद लॉकडाउन 4.0 की बात कही है.मौजूदा हालात में देश की आर्थिक विकास दर एक फीसदी रह सकती है या इससे भी नीचे जा सकती है | कोरोना की वजह से लॉकडाउन के इस दौर में बाजार में मांग काफी प्रभावित हुई है और 12 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी जाने का अनुमान है. मोदी सरकार कोरोना राहत पैकेज की मदद से अर्थव्यवस्था को उबारने और मांग बढ़ाने की कोशिश कर सकती है. पीएम ने जितने बड़े राहत पैकेज का एलान किया है, उससे उद्योग जगत की उम्मीदें पूरी होती दिख रही हैं | भारत सरकार की ओर से पहले घोषित पैकेज में गरीबों के लिए अनाज उपलब्ध कराने और गरीब महिलाओं व बुजुर्गों को नकद मदद देने के लिए घोषित 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज और रिजर्व बैंक की तरफ से की जा चुकी घोषणाएं शामिल हैं |

अगर पीएम मोदी के द्वारा किए गए पैकेज की तुलना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से करें तो साल 2019 में पाकिस्तान सरकार ने 7022 बिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट पेश किया था, भारतीय रुपये के संदर्भ में यह करीब 3.30 लाख करोड़ बैठता है. भारत का कोरोना राहत पैकेज पाकिस्तान के सालाना बजट से 6 गुना ज्यादा है |

आए जानते है क्या कुछ खास होगा इस कोरोना राहत पैकेज में 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शाम 4 बजे  इस राहत पैकेज में किस वर्ग को कितनी राहत मिलेगी, इसकी जानकारी देगी. ये आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा. इस विशेष आर्थिक पैकेज में भूमि, श्रम, नकदी और कानून पर जोर दिया जाएगा |

मौजूदा हालात में देश की आर्थिक विकास दर एक फीसदी रह सकती है या इससे भी नीचे जा सकती है. कोरोना की वजह से लॉकडाउन के इस दौर में बाजार में मांग काफी प्रभावित हुई है और 12 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी जाने का अनुमान है. मोदी सरकार कोरोना राहत पैकेज की मदद से अर्थव्यवस्था को उबारने और मांग बढ़ाने की कोशिश कर सकती है | पीएम ने जितने बड़े राहत पैकेज का एलान किया है, उससे उद्योग जगत की उम्मीदें पूरी होती दिख रही ह | भारत सरकार की ओर से पहले घोषित पैकेज में गरीबों के लिए अनाज उपलब्ध कराने और गरीब महिलाओं व बुजुर्गों को नकद मदद देने के लिए घोषित 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज और रिजर्व बैंक की तरफ से की जा चुकी घोषणाएं शामिल हैं |