उत्तराखंड आयुष विभाग के नोटिस पर पतंजलि का जवाब

पतंजलि आयुर्वेद के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण का कहना है, 'पतंजलि आयुर्वेद अब भी अपने दावे और दवा पर कायम है।

उत्तराखंड आयुष विभाग के नोटिस पर पतंजलि का जवाब
उत्तराखंड आयुष विभाग के नोटिस पर पतंजलि का जवाब

उत्तराखंड आयुष विभाग के नोटिस पर पतंजलि का जवाब "नहीं बनाई कोरोना की दवा " - PATANJALI CORONIL NEWS

पतंजलि आयुर्वेद के द्वारा अभी कुछ दिनों पहले एक दवा कोरोलिन को लॉंच करते वक्त ये दावा किया गया था की ये कोरोना की दवा है | जिसके बाद बाबा राम देव विवादों में घिर गए जिसकी वजह से उनके खिलाफ कई जगह पर केस दर्ज किया गया था| इसके साथ ही आप को बता दे उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी पतंजलि को नोटिस भेजा जिसके जवाब में कोरोनिल दवा पर पतंजलि आयुर्वेद ने यू-टर्न ले लिया और जवाब में बताया की उन्होंने कोरोना की कोई दवा नहीं बनाई है बल्कि उन्होंने एक ऐसी दवाई बनाई है जिससे कोरोना के मरीज ठीक हुए हैं।


साथ ही उनका कहना है की रेगुलेटर से अप्रूवल के बाद, दवा का क्लिनिकल ट्रायल इंदौर और जयपुर में हुआ। और क्लिनिकल ट्रायल में 100% रिजल्‍ट्स का दावा किया गया साथ ही उनका दावा है कि कोरोनिल कोविड-19 मरीजों को 5 से 14 दिन में ठीक कर सकती है।


एक समाचार पत्रिका के हिसाब से पतंजलि आयुर्वेद के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण का कहना है, 'पतंजलि आयुर्वेद अब भी अपने दावे और दवा पर कायम है। हमने कभी भी कोरोना की दवा बनाने का दावा नहीं किया है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति लेकर जो दवाई बनाई गई है, उससे कोरोना के मरीज भी ठीक हुए हैं। आयुष विभाग की ओर से जारी नोटिस का जवाब दे दिया गया है।'


23 जून को पतंजलि आयुर्वेद ने योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन की उपस्थिति में हरिद्वार में कोरोनिल को लॉन्च किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पतंजलि आयुर्वेद की ओर से यह दावा भी किया गया था कि कोरोना मरीजों पर इसका क्लिनिकल टेस्ट भी किया गया है। इस दवा का नाम कोरोनिल और श्वासारी बटी रखा गया था।