Omicron variant से भारत में दहशत ,अब तक देश भर में पाए गए 21 केस

कोरोना वायरस ने अपने प्रकोप से पुरे दुनिया की को दहला दिया था एक दौर ऐसा था जब सभी अपने अपने घरो में कैद हो गए थे और लाखो लोगो की इस वायरस से जान गई लेकिन कुछ महीनो से कोरोना वायरस का प्रकोप थोड़ा कम हुवा ही था की अचानक ओमीक्रॉन Variant ने पूरी दुनिया को दहशत में ला दिया है इस वक्त पुरे दुनिया कोरोना वायरस के बाद कोरोना का नए ओमीक्रॉन Variant का खतरा मंडरा रहा है वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन से ग्रसित मरीज अब भारत में भी पाए जा रहे है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कुछ दिनों पहले देश में ओमीक्रॉन वेरिएंट के बुधवार तक दो मामले सामने आए थे और ये दोनों मामले कर्नाटक में मिले थे और अब देशभर में ओमिक्रॉन के 21 मरीज सामने आ चुके हैं वहीं राज्यों के स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गए हैं |

Omicron variant से भारत में दहशत ,अब तक देश भर में पाए गए 21 केस

ओमीक्रॉन के बहुत से मरीज सामने आ रहे है ओमीक्रॉन को लेकर पूरी दुनिया अलर्ट पर है अब लगातार देश के कई हिस्सों में मरीज मिलने से चिंता बढ़ गई है लिहाजा जयपुर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और राजधानी दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट पहुंच चुका है भारत ही नहीं दुनिया कई देशों में कोरोना के इस खतरनाक वेरिएंट के पाये जाने के बाद एक बार फिर दहशत का माहौल है भारत की बात करे तो भारत के राजस्थान के जयपुर में 9 मरीज सामने आ चुके है  देश की राजधानी दिल्ली में भी ओमिक्रॉन का एक मरीज मिल चुका है जामनगर में अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे से लौटे शख्स में खतरनाक वैरिएंट मिला है | 

 

सिर्फ भारत ही नहीं दुनियाभर में इस ओमिक्रॉन वेरिएंट  की वजह से डर का माहौल है 
पहले हम दक्षिण अफ्रीका की बात करे तो यहाँ पर कोरोना मामलों में एक सप्ताह में 408% की वृद्धि देखी गई है और वही  ब्रिटेन में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले एक दिन में 53 फीसदी तक बढ़ गए हैं और अब तक 246 मामले कोरोना के ओमीक्रोन वेरिएंट मामले आए है |

 


अब तक इसके लिए कोई खतरनाक लक्षण दिखाई नहीं दिए। एक्सपर्ट को ओमिक्रॉन के लक्षण में लो सीटी वैल्यू दिखाई दी है, यानी वायरस का बहुत ज्यादा घनत्व नहीं है डॉक्टरों की माने तो  ओमिक्रॉन से पीड़ित मरीज को बुखार, बहुत ज्यादा थकान, सिर दर्द, बॉडी दर्द, गले में खरांश आदि हो सकता है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से पीड़ित मरीजों में डेल्टा वेरिएंट की तरह गंध और स्वाद नहीं जाता। न ही इसमें पल्स रेट बढ़ते हैं और ऑक्सीजन लेवल में भी कमी नहीं आती।