वाराणसी पहुंचे राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक संरक्षक पंडित सुनील भराला जी

वाराणसी पहुंचे राष्ट्रीय परशुराम परिषद् के संस्थापक संरक्षक पंडित श्री सुनील भराला जी अध्यक्ष ,राज्य मंत्री श्रम कल्याण परिषद् ने पत्रकार वार्ता की उन्होंने बताया कि परशुराम स्वाभिमान सेना के हरियाणा उत्तराखंड दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य की बैठक 8 मार्च से पहले सुनिश्चित की गई है|

वाराणसी पहुंचे राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक संरक्षक पंडित सुनील भराला जी

वाराणसी पहुंचे राष्ट्रीय परशुराम परिषद् के संस्थापक संरक्षक पंडित श्री सुनील भराला जी अध्यक्ष ,राज्य मंत्री श्रम कल्याण परिषद् ने पत्रकार वार्ता की  उन्होंने बताया कि परशुराम स्वाभिमान सेना के हरियाणा उत्तराखंड दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य की बैठक 8 मार्च से पहले सुनिश्चित की गई है|
जिसमें राज्यों के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी श्री भरा जी ने आगे बताया कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद् जम्मू कश्मीर के विस्थापित ब्राह्मणों जो लंबे समय से बेघर हो घूम रहे हैं उन्हें स्थापित करना, उनकी संपत्ति एवं आवास दिलवाना तथा पूरे भारतवर्ष में मंदिरों व मठो के पुजारियों की मानदेय तय करना साथ ही मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि तथा काशी विश्वनाथ जैसे विवादित मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय परशुराम परिषद इन बैठकों में विस्तार से चर्चा करेंगे |

 इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुवे सुनील भराल जी ने बताया कि भगवान श्री परशुराम जी की जन्मस्थली देश के आठ से नौ स्थानों पर बताई जा रही है राष्ट्रीय परशुराम परिषद् द्वारा हरिद्वार में अखिल भारतीय विद्वानों के संगोष्ठी का आयोजन होगा जिसमें  भारत वर्ष के सभी विश्वविद्यालयों के इतिहासकार एवं प्रोफेसर तथा संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु शंकराचार्य आचार्य महामंडलेश्वर अखाड़ा के महामंडलेश्वर भगवान श्री परशुराम जी की जन्म स्थली को प्रमाणित करेंगे कि भगवान श्री परशुराम जी के जन्म स्थल कहां-कहां है इस दौरान भराल जी  ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारतवर्ष के समस्त हिंदुओं के भगवान श्री परशुराम जी के जन्मस्थली का स्थान अभी तक प्रमाणित ना होना सारे हिंदू समाज के लिए शर्म की बात है वाराणसी में हो रहे वार्षिक अधिवेशन में इस बात पर गंभीरता के साथ विस्तार से चर्चा होगी|