ग़ाज़ियाबाद के हिंडन श्मशान में नगर निगम की बडी लापरवाही समाने आई,कोरोना संक्रमित के शव को कुत्ते नोंच रहे

हिंडन नदी पर बने श्मशान घाट पर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पर एक कोरोना संक्रमित के शव को कुत्ते नोंचते हुए दिखाई दिए। जैसे ही इसकी जानकारी कुछ दूरी पर बैठे परिजनों को मिली तो इस पर उन्होंने हंगामा किया। बताया जा रहा है कि यह शव सिविल कोर्ट के फोर्थ क्लास के कर्मचारी का था।

ग़ाज़ियाबाद के हिंडन श्मशान में नगर निगम की बडी लापरवाही समाने आई,कोरोना संक्रमित के शव को कुत्ते नोंच रहे

हिंडन नदी पर बने श्मशान घाट पर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पर एक कोरोना संक्रमित के शव को कुत्ते नोंचते हुए दिखाई दिए। जैसे ही इसकी जानकारी कुछ दूरी पर बैठे परिजनों को मिली तो इस पर उन्होंने हंगामा किया। बताया जा रहा है कि यह शव सिविल कोर्ट के फोर्थ क्लास के कर्मचारी का था।

 

श्मशान घााट पर अंतिम संस्कार के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी और इनके परिजनों को भी अंतिम संस्कार करने के लिए करीब 9 घंटे का इंतजार करना पड़ा। परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए लाइन में लगाया और वह कुछ दूरी पर जाकर बैठ गए। इसी दौरान वहां एक कुत्ता आया और शव को नोचना शुरू कर दिया।

 

 

मिली जानकारी के अनुसार, 51 वर्षीय मोती दत्त जोशी, जोकि मूल रूप से अल्मोड़ा के रहने वाले थे। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ गाजियाबाद के गोविंदपुरम इलाके में 101 शताब्दीपुरम में रहते थे और सिविल कोर्ट में फोर्थ क्लास के कर्मचारी थे।

 

 

मोती दत्त जोशी 23 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए, जिन्हें उपचार के लिए पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां से उन्हें रेफर करने के बाद संतोष अस्पताल में बनाए गए कोविड-19 उपचार के लिए लाया गया और 26 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया।