23 रॉकेट हमले से दहल उठा काबुल ,8 लोग की गई जान 31 घायल

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को सीरियल ब्लास्ट से पूरा देश दहल उठा है | ताज़ा जानकारी के अनुशार , 8 लोग मारे हैं और 31 अन्य घायल हैं।तालिबान पर हमले का आरोप लगाया जा रहा है....

23 रॉकेट हमले से दहल उठा काबुल ,8 लोग की गई जान 31 घायल

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को सीरियल ब्लास्ट से पूरा देश दहल उठा है | अंग्रेजी न्यूज़ एजेंसी एएफपी की तरफ से खबर की जानकारी मिली है |  यह धमाके शहर के बीचों बीच स्थित घनी आबादी वाले ग्रीन जोन और उत्तरी इलाके में हुए| आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक आरियान ने कहा 'आतंकवादियों ने काबुल शहर पर 23 रॉकेट दागे हैं|' उन्होंने कहा 'शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 8 लोग शहीद हो गए हैं और 31 अन्य घायल हैं।' तारिक ने तालिबान पर हमले का आरोप लगाया है|

चहल सुतून और अरजान कीमत इलाकों में दो धमाकों के कुछ ही मिनटों के बाद काबुल के कई इलाकों में रॉकेट गिरे| टोलो न्यूज के मुताबिक, मंत्रालय ने बताया कि काबुल के वजीर अकबर खान और शहर-ए-नाव इलाके के अलावा चहर काला, पीडी4 में गुल-ए-सुर्ख, सदारत गोल रोड, शहर के बीचों बीच मौजूद स्पिंजर रोड, नेशनल आर्काइव रोड के पास पीडी2 में और काबुल के उत्तरी इलाके में मौजूद लीसी मरियम बाजार और पंजसाद परिवार इलाक में रॉकेट गिरे थे|

फिलहाल मामले को लेकर अधिकारियों ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है| हालांकि, आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि शनिवार की सुबह दो छोटे 'स्टिकी बॉम्ब' से धमाके हुए थे| इनमें से एक ने पुलिस की कार को निशाना बनाया था, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी और तीन घायल हो गए थे|
इस धमाके से जुड़े कुछ फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें दिखाया जा रहा है कि रॉकेट ने भवनों में छेद कर दिए हैं| हालांकि, इन तस्वीरों की सत्यता की जांच नहीं हो सकी है| गौरतलब है कि ये धमाके अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और तालिबान और कतर के खाड़ी राज्य की अफगान सरकार की बैठक से पहले हुए हैं| शनिवार को हुए इन धमाकों की अभी तक किसी भी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है| तालिबान ने शपथ ली है कि वे यूएस विथड्रॉवल डील के तहत किसी भी शहरी इलाके में हमला नहीं करेंगे, लेकिन काबुल प्रशासन ने काबुल में हाल में हुए हमलों के लिए उनके विद्रोहियों या उनके समर्थकों पर आरोप लगाए हैं| खास बात है कि तालिबान और अफगान सरकार की तरफ से बातचीत की प्रक्रिया सितंबर में शुरू हो गई है, लेकिन इसकी गति धीमी बनी हुई है|