Mohan delkar News : 7 बार के सांसद की मुंबई के होटल में रहस्यमय मौत

दादरा और नगर हवेली के सांसद मोहन देलकर ने दक्षिण मुंबई के एक होटल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। सात बार सांसद रहे देलकर की आत्महत्या के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है और मामले की जांच कर रही है।

Mohan delkar News : 7 बार के सांसद की मुंबई के होटल में रहस्यमय मौत

दादरा और नगर हवेली के सांसद मोहन देलकर ने दक्षिण मुंबई के एक होटल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। सात बार सांसद रहे देलकर की आत्महत्या के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है और मामले की जांच कर रही है।

दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली की लोकसभा सीट से मोहन देलकर संसद सदस्य के रूप में काम करने वाले एक स्वतंत्र राजनेता थे। 19 दिसंबर 1962 को सिलवासा में जन्मे देलकर का पूरा नाम मोहन संजीभाई देलकर था।

मोहन देलकर ने 2019 लोकसभा का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था और बीजेपी के नथुभाई गोमनभाई पटेल को नौ हजार वोटों से शिकस्त दी थी। मोहन देलकर ने 2019 में सातवीं बार लोकसभा का रास्ता तय किया था।

मोहन देलकर ने सिलवासा में एक ट्रेड यूनियन नेता के रूप में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने यहां अलग-अलग कल-कारखानों में काम करने वाले आदिवासी लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और संघर्ष किया।

मोहन देलकर ने आदिवासियों के लिए 1985 में आदिवासी विकास संगठन शुरू किया। 1989 में वे दादरा और नगर हवेली निर्वाचन क्षेत्र से 9वीं लोकसभा के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गए।

इसके बाद 1991 और 1996 में भी देलकर ने दादरा और नगर हवेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि इस बार उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में फिर से लोकसभा का रास्ता तय किया।

1998 के लोकसभा चुनाव में देलकर ने फिर से उसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, हालांकि इस बार वे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा के लिए चुने गए।

1999 और 2004 के चुनाव में भी मोहन देलकर लोकसभा पहुंचे। हालांकि इस दौरान उन्होंने निर्दलीय और भारतीय नवशक्ति पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

4 फरवरी 2009 को मोहन देलकर एक बार फिर कांग्रेस में फिर से शामिल हो गए लेकिन वह लोकसभा नहीं जा सके। इसके बाद 2019 में उन्होंने खुद को कांग्रेस पार्टी से अलग कर लिया और एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुने गए। हालांकि 2020 में वह जनता दल (यूनाइटेड) पार्टी में शामिल हो गए।