Varanasi : वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में सर्जरी , वीडियो वायरल

ऐसे तो उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों का सूरते हाल बहुत ही बुरा रहता है उत्तर प्रदेश में कोरोना के बाद भी तमाम ऐसे दृश्य दिखते हैं जहां पर अस्पतालों की हालत बद से बत्तर दिखाई देते हैं।

Varanasi : वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में मोबाइल की रोशनी में सर्जरी , वीडियो वायरल

ऐसे तो उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों का सूरते हाल बहुत ही बुरा रहता है उत्तर प्रदेश में कोरोना के बाद भी तमाम ऐसे दृश्य दिखते हैं जहां पर अस्पतालों की हालत बद से बत्तर दिखाई देते हैं।

जब किसी वीआइपी आना होता है तो उस क्षेत्र के अस्पतालों की हालत रंगों से दुरुस्त कर दी जाती है , पर अंदर का सूरते हाल आज भी उत्तर प्रदेश के अस्पतालों का बहुत ही बुरा है जहां पर रोज कई जाने दांव पर लगती हैं। आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद स्थित आईएमएस बीएचयू मे मरीजों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है ,यहां ऑपरेशन मोबाइल की रोशनी में किया जाता है। अस्पताल में एम्स जैसी सुविधा होने की बात तमाम बार की गई है। कई बार चुनावी मुद्दे में बनारस की जनता को लुभाने के लिए बीएचयू को एम्स जितना सुविधा देने की बात कही गई है।

कुछ हद तक इस दिशा में काम तो बड़ा है , लेकिन यहां जो सुविधा पहले से है उनका लाभ पूरी तरह से मरीज को नहीं मिल पा रहा है। इसका एक प्रमाण  आईएमएस के दंत चिकित्सक विज्ञान संकाय में सोमवार को देखने को मिला , यहां एक मरीज के दांत की सर्जरी डॉक्टर मोबाइल की रोशनी में कर रहे थे। बकायदा इसका वीडियो भी बनाया गया था, जिसमें एक डॉक्टर मोबाइल का टॉर्च जलाकर ऑपरेशन कर रहा था फोटो के साथ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें सर्जरी के दौरान डॉ मोबाइल का टॉर्च जलाकर सर्जरी कर रहा है।

आपको बता दें कि यहां पर वाराणसी के नहीं बल्कि आसपास के जिलों के मरीज के साथ ही बिहार तक के मरीज बेहतर इलाज के लिए आते हैं। पर यहां का सूरते हाल इतना बुरा है कि मानो तामाम बड़े वादे यहां पीके दिखाई पड़ते हैं।

सूचना के मुताबिक करीब 10:00 बजे एक व्यक्ति का दांत का सर्जरी करना था करीब 10:20 पर बिजली चली गई जिससे वहां मौजूद चिकित्सक परेशान हो गए ऑपरेशन में कोई बाधा न आए इसलिए वहां मौजूद डॉक्टरों ने मोबाइल का टॉर्च जलाकर सर्जरी को जारी रखा।

देखने की बात यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद बनारस के अस्पतालों की हालत दुरुस्त होती है या फिर और बद से बत्तर होती जाएगी।