महाशिवरात्रि पर्व पर बनारस में उमड़ा आस्थावानों का जनसैलाब | वाराणसी समाचार | ZNDM NEWS|

शिवरात्रि के मौके पर आज भगवान शिव की नगरी काशी में आधी रात से ही बम बम है।सुबह से ही काशी विश्‍वनाथ दरबार में दर्शन पूजन का लगातार क्रम जारी है।बैरिकेडिंग पर आस्‍थावानों की भीड़ रात से ही उमड़ी और बाबा दरबार में कपाट खुलने का इंतजार किया। जैसे ही सुबह आरती के बाद दरबार खुला वैसे ही काशी विश्‍वनाथ की गलियां हर हर महादेव के घोष से गूंज उठीं।

शिवरात्रि के मौके पर आज भगवान शिव की नगरी काशी में आधी रात से ही बम बम है।सुबह से ही काशी विश्‍वनाथ दरबार में दर्शन पूजन का लगातार क्रम जारी है।बैरिकेडिंग पर आस्‍थावानों की भीड़ रात से ही उमड़ी और बाबा दरबार में कपाट खुलने का इंतजार किया। जैसे ही सुबह आरती के बाद दरबार खुला वैसे ही काशी विश्‍वनाथ की गलियां हर हर महादेव के घोष से गूंज उठीं। आधी रात के बाद से ही गंगा में स्‍नान कर बाबा दरबार की ओर लाखों आस्‍थावानों के कदम बढ़े तो शुक्रवार को दिन चढ़ने तक आस्‍था की कतार बरकरार है । इसके साथ है तिलभांडेश्‍वर,मंदिर में भी सुबह से ही आस्‍था का रेला उमड़ा और लोगों ने जलाभिषेक कर बाबा से आशीष मांगा।  
 इस क्रम में प्रशासन के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था भी काफी मुस्तैद  दिखी एक और जहां ड्रोन कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही थी वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के सुविधा को ध्यान में रखते हुए  स्वयं सेवकों श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराते दिखे प्रशासन के द्वारा भी  श्रद्धालुओं के लिए हर संभव  सुविधाएं उपलब्ध  कराते नजर आ रहे थे|  सुबह आठ बजे से अब तक लगभग 75 हजार दर्शनार्थियों ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई है।  बीएचयू विश्‍वनाथ मंदिर में भी सुबह से काफी दूर तक लोगाें की दर्शन पूजन के लिए कतार लगी रही।
 शहर के अन्‍य प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से ही जलाभिषेक करने वालों की कतार ने लोगाें को आस्‍था के रंग में ऐसा रंगा कि पूरी काशी शिव मय नजर आने लगी।
बाबा के विवाहोत्सव यानी महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर गुरुवार को ही काशी विश्वनाथ मंदिर भक्तों का रेला उमड़ पड़ा था । महाशिवरात्रि पर हर वर्ष उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए रात 2.15 बजे मंगला आरती शुरू हुई। भोर 3.30 बजे मंदिर के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। उन्हें ढूंढिराज व छत्ताद्वार से प्रवेश दिया गया। भीड़ को देखते हुए झांकी दर्शन की व्यवस्था की गई। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर लगातार लगभग 45 घंटे तक खुला रहेगा। पट 22 फरवरी की रात में शयन आरती के बाद बंद होंगे।
बाबा व माता पार्वती के विवाह बेला में रानी भवानी परिसर में जनवासा सजा तो गर्भगृह में झांकी भी सजाई गई। विवाह की रस्मों के प्रतीक शाम से पूरी रात चार प्रहर की आरती होगी और अटूट दर्शन चलता रहेगा। मध्याह्न भोग आरती दोपहर 12 बजे से 12.30 बजे तक चलेगी तो रात में पहले पहर की आरती 10.50 से 12.30 बजे तक, दूसरे पहर की मध्य रात्रि 1.20 बजे से 2.30 बजे तक, तीसरे पहर की आरती 22 की भोर 2.55 से 4.25 बजे तक और चौथे पहर की आरती 22 की सुबह 4.55 से शुरू होगी। पर्व विशेष पर मंदिर को फूलों से भव्‍य तरीके से सजाया गया है।'वाराणसी के सांसद और देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार की सुबह शिवरात्रि पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा कि - 'आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से सभी देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य आए। ऊँ नम: शिवाय!
आप को बता दे महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव और पार्वती का विवाह भी शीर्ष ट्रेंड में शामिल रहा। शुक्रवार को देखते ही देखते अस्सी हजार से अधिक संदेश सुबह नौ बजे तक महाशिवरात्रि के साथ पोस्ट किए गए। इसके बाद यह ट्विटर के शीर्ष ट्रेंड में ऐसा शामिल हुआ कि दिन चढऩे तक टॉप ट्रेंड में बना रहा। वहीं दस बजते- बजते पोस्‍ट का आंकड़ा एक लाख को भी पार कर गया।