लॉकडाउन की वजह से मध्यम वर्गीय परिवार का हाल हुआ बेहाल - कोरोना का कहर

गिनती के लोगो के पास इस समय काम है ये वो परिवार है जो दस से बीस हजार महीने की आमदनी में अपने परिवार का भरण पोषण करते थे,अब इनकी कमाई बंद होने से इनके परिवार के सामने भूखे रहने की नौबत आ गयी है, ये परिवार शर्म की वजह से किसी के सामने हाथ नही फैला पा रहे...(पूरा पढें )

लॉकडाउन की वजह से  मध्यम वर्गीय परिवार का हाल हुआ बेहाल - कोरोना का कहर
लाक डाउन की वजह से मध्यम वर्गीय परिवार का हाल हुआ बेहाल - कोरोना का कहर

लॉकडाउन  की वजह से  मध्यम वर्गीय परिवार का हाल हुआ बेहाल - कोरोना का कहर 

लगभग दो महीने होने को आये इस वैश्विक महामारी के चपेट मे हुए लॉकडाउन की वजह से सबसे बुरा हाल मध्यम वर्गीय परिवार का ही हुआ है,चाहे वो मंदिर के सामने पूजा सामग्री बेचने वालों से लेकर खाने पीने और पहनने तक का काम करने वाले मध्यम वर्गीय कारोबारियों का हाल सबसे खराब हुआ है|

गिनती के लोगो के पास इस समय काम है ये वो परिवार है जो दस से बीस हजार महीने की आमदनी में अपने परिवार का भरण पोषण करते थे,अब इनकी कमाई बंद होने से इनके परिवार के सामने भूखे रहने की नौबत आ गयी है, ये परिवार शर्म की वजह से किसी के सामने हाथ नही फैला पा रहे, और न ही सामाजिक संस्थाओं से भोजन मिलने वाले लाइनों मे लग कर खाना ले पा रहे हैं|

 अभी तक ईस्ट मित्र रिश्तेदारों से कर्ज ले कर परिवार का खर्च चला रहे लोगो को अब कोई कर्ज भी नही दे रहा क्यो की देने वाले रिश्तेदारों के पास भी देने की स्थिति नही रह गयी है,इस समय ज्यादातर लोगों का काम बंद होने से अब सहयोग करने वाले लोग भी कम ही रह गए हैं, मौजूदा स्थिति मे सिर्फ दवा, परचून और सब्जी वालों के अलावा किसी के पास भी काम नही रह गया है, समय रहते यदि सरकार इन मध्यम वर्गीय परिवार के बारे मे नही सोचेगी तो कही ऐसा न हो कुंठित हो कर  अपराध के साथ आत्महत्या जैसे कदम कुछ परिवार के मुखिया न उठा ले।