Madhya Pradesh में आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर सड़क पर घसीटते हुए पीटा, प्रशासन की बड़ी अनदेखी

उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक महिलाओ के साथ क्रूरता के मामले सामने आ रहे है। विगत दिनों हाथरस की बिटिया के साथ हुए अमानवीयता और अत्याचार के दहशत से देश अभी उभर ही रहा था की हाल ही में बलरामपुर और आज़मगढ़ में भी ऐसे ही घटना दर्ज की गयी।

उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक महिलाओ के साथ क्रूरता के मामले सामने आ रहे है। विगत दिनों हाथरस की बिटिया के साथ हुए अमानवीयता और अत्याचार के दहशत से देश अभी उभर ही रहा था की हाल ही में बलरामपुर और आज़मगढ़ में भी ऐसे ही घटना दर्ज की गयी। और आज फिर एक महिला के साथ मनबड़े दबंगो के क्रूरता का मामला प्रकाश में आया है। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली तहसील के ग्राम चूड़िया में एक आदिवासी महिला गांव के दबंगों के रोष का शिकार हुई। जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद कुत्ते को लेकर हुआ। जान कर हैरानी होगी की यह छोटा सा विवाद इतना बड़ गया कि दबंग परिवार ने मिलकर न सिर्फ आदिवासी महिला के साथ मारपीट की, बल्कि बड़ी ही बेशर्मी से मर्यादाओं की देहलीज़ को लांग दिया। जी हाँ दबंगो ने पीड़ित महिला को पीटते-पीटते बीच सड़क पर निर्वस्त्र कर दिया। इस घटना से पीड़ित व परिजन काफी डरे हुए है। इस पुरे मामले में बैतूल पुलिस ने दोनों पक्षों पर काउंटर केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी वहीं घायल महिला का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है। इसके साथ ही बता दे की मनबडे दबंगो ने घटना के बाद पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव भी बनाना शुरू कर दिया था। जिला अस्पताल में भर्ती पीड़ित महिला रेखा बाई ने अपने बयान में बताया कि कुत्ते को लेकर गांव के ही दबंग परिवार के सदस्यों से कहा-सुनी हो गई थी और विवाद शांत भी हो चुका था, लेकिन इसके बाद फिर से दबंग परिवार के युवकों और महिलाओं द्वारा घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई। itna ही नही उसे घर से निकालकर बीच सड़क पर लाया गया और उसके कपड़े तक फाड़ दिये गए। महिला का आरोप है कि दबंग परिवार के मुखिया ने परिवार सहित उड़ा देने की धमकी भी दी है। पीड़िता ने एसपी को दिए बयान में यह साफ़ किया की चिचौली थाने में इसकी शिकायत की, लेकिन वहां पर un लोगों को डराकर समझौता करने के लिए मजबूर किया गया और साथ ही पीड़िता के अंगूठे के निशान कोरे कागज पर ले लिया गया। बता दें की महिलाओ के साथ हो रहे घटनाओ के अन्य मामलो की तरह ही इस मामले में भी पुलिस प्रशासन की बढ़ी अनदेखी सामने आयी है। चिचोली थाना प्रभारी दीपक पाराशर ने बताया कि इस मामले में आरोपित सूरज, जमोती और माया के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया गया है। वहीं पीड़ित रेखा बाई और उसकी बहन के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस पूरी घटना को लेकर सिर्फ मारपीट का मामला दर्ज किया था। जिसपर पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जब इस तथ्य की जानकारी मिली की आदिवासी महिला के कपड़े तक फाड़ दिए गए थे तो अस्पताल पहुंच कर महिला के बयान लिये गये है और धाराओं में भी इजाफा करने के साथ-साथ एससीएसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं बता दे की घटना को लेकर महिला का बयान जब मीडिया द्वारा प्रकाशित होने के बाद मामला एसपी तक पहुंचा तब पुलिस हरकत में आयी और आनन-फानन में महिला सेल प्रभारी को अस्पताल भेज कर बयान लिए गए और धाराएं भी बढ़ाई गईं।