लॉकडाउन-2 में सरकार द्वारा नई छूट के आदेश जारी |

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए जारी दूसरे चरण के लॉकडाउन में सरकार ने ग्रामीण इलाकों में कुछ और राहत देने के आदेश दिए हैं| ग्रामीण इलाकों में आने वाली को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी और ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को कम स्टाफ़ के साथ काम करने की अनुमति दी गई है| ग्रामीण इलाको में अब बैंक शाखाएँ, एटीएम, ई-कॉमर्स कंपनियां और कॉओपरेटिव सोसाइटी कम स्टाफ के साथ अपना काम शुरू कर सकते है|

लॉकडाउन-2 में सरकार द्वारा नई छूट के आदेश जारी |


सभी स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं, सभी कृषि और बागवानी से जुड़ी गतिविधियां, नारियल,काजू, बांस, सुपारी, कोको और मसालों की खेती,कटाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, बिक्री, पशुपालन फार्मों को चालू किया जाने के साथ-साथ लेन-देन को भी लॉकडाउन से छूट दी है| इसके अलावा अनुसूचित जनजाति और वन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों द्वारा छोटे वन उत्पाद और बिना लकड़ी वाले वन उत्पाद को इकट्ठा करने, कटाई और प्रोसेसिंग से छूट दी है|

इसके अलावा 20 अप्रैल से ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई, बिजली और कॉम्युनिकेशंस से जुड़ी परियोजनाओं और गतिविधियों तथा निर्माण कार्यों को भी लॉकडाउन से छूट दी गई है| साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सेवाएं जैसे किराना और राशन की दुकानें और इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर, कुरियर, डीटीएच और केबल सर्विसेस भी शुरू हो जाएंगी|

वहीँ ई-कॉमर्स कंपनियां  फ्लिपकार्ट, एमेजन और पेटीएम मॉल जैसी ऑनलाइन रिटेल कंपनियां 20 अप्रैल के बाद अपना कारोबार पूरी तरह से चालू करने की तैयारी कर रही हैं| कंपनियां डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लिए जरूरी मंजूरी लेकर अपना काम शुरू कर सकेंगी| जिला प्रशासन की यह जिम्मेदारी होगी कि वो सभी जरूरी सेवाओं की होम डिलिवरी का इंतजाम करे| छूट के बाद भी लॉकडाउन में दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी होगा|