लॉक डाउन में किसान कर सकेंगे खेती | रखना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल | गेहूं की फसल पर अहम फैसला

भारत में पिछले 3 दिनों में कोरोना  संक्रमण से बढ़े आंकड़ो के साथ,देश कोरोना के थर्ड स्टेज यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन की महासंकट की ओर रूख करती नज़र आ रही है।जिससे भारत स्वास्थ मंत्रालय के लिए चुनौतियां ओर बढ़ गयी है।बता दें कि पिछले 3 दिनों में भारत में कोरोना के 1500 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और मृतकों की संख्या 68 पर पहुँच गयी है।

भारत में पिछले 3 दिनों में कोरोना  संक्रमण से बढ़े आंकड़ो के साथ,देश कोरोना के थर्ड स्टेज यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन की महासंकट की ओर रूख करती नज़र आ रही है।जिससे भारत स्वास्थ मंत्रालय के लिए चुनौतियां ओर बढ़ गयी है।बता दें कि पिछले 3 दिनों में भारत में कोरोना के 1500 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और मृतकों की संख्या 68 पर पहुँच गयी है।पिछले 3 दिनों में मरीजों की संख्या में हुए वृद्धि का कारण तबलीगी जमात माना जा रहा है जिनके कारण देश के 14 राज्यों में यह संक्रमण फैल चुका है।इसकी जानकारी भारत स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय व आईसीएमआर के अफसरों के साथ हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से साझा की उन्होंने शुक्रवार तक पूरे देश से 2301 कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आने और 56 लोगों की मृत्यु होने की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले 1 दिन में हुई 12 मौतों में से कई तब्लीगी जमात से जुड़े लोग थे और मरकज में शामिल हुए 647 लोगों के संक्रमित होने की भी जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस के दौरान गृह मंत्रालय ने अब किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए खेती करने की अनुमति दे दी है।जी हां गेहूं की फसल को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने किसानों को लॉक डाउन से बड़ी राहत दी है।कॉन्फ्रेंस के दौरान गृह मंत्रालय की अधिकारी पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि अब किसान लॉक डाउन के दौरान भी घरों से बाहर अपने खेत में जाकर खेती कर पाएंगे लेकिन इस दौरान उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखना होगा।साथ ही किसानों को गेहूं की कटाई और मंडी जाने की भी छूट मिलेगी। वहीं इस दौरान ICMR के डॉ. मनोज ने बताया कि देश के 182 लैब को कोरोना सैंपल की जांच के लिए अधिकृत किया जा चुका है। जिसमें से 130 सरकारी क्षेत्र के लैब भी शनील हैं।साथ ही उन्होंने बताया कि इन लैबो में अब तक कुल 63000 संदिग्धों की जांच की जा चुकी है।