अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जानिए आखिर मनाया जाता है ये दिन और महिलाओं के अधिकारों को

1908 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत- इस दिन की शुरुआत एक आंदोलन के रूप में हुई थी| आज से करीब 113 साल पहले साल 1908 में इसकी शुरुआत हुई थी, जब अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में करीब 15 हजार महिलाओं ने मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों, बेहतर सैलरी और वोटिंग के अधिकार की मांग की थी|

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जानिए आखिर मनाया जाता है ये दिन और महिलाओं के अधिकारों को


हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है | महिलाओं के लिए समर्पित ये दिन बहुत खास होता है| महिलाओं के सम्मान में ही हर साल इंटरनेशनल वूमेंस डे बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है| हर साल इस दिन की एक स्पेशल थीम होती है| 2021 के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम "महिला नेतृत्व: कोविड-19 की दुनिया में एक समान भविष्य को प्राप्त करना"  ("Women in leadership: an equal future in a COVID-19 world") रखी गई है ऐसा कोरोना काल में सेवाएं देने वाली महिलाओं और लड़कियों के योगदान को रेखांकित करने के लिए किया गया है| बीते साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम #EachForEqual थी| 
 
जानिए आखिर क्यों मनाते है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

1908 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत- इस दिन की शुरुआत एक आंदोलन के रूप में हुई थी| आज से करीब 113 साल पहले साल 1908 में इसकी शुरुआत हुई थी, जब अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में करीब 15 हजार महिलाओं ने मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों, बेहतर सैलरी और वोटिंग के अधिकार की मांग की थी| सबसे पहले अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर इस दिवस को 28 फरवरी 1909 में मनाया गया है| बाद में 1910 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया| महिलाओं के इस आंदोलन को सफलता मिली, और एक साल बाद ही सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने इस दिन को राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया, जिसके बाद इसकी शुरुआत हो गई| बदलते वक्त से साथ इसको मनाने का तरीका भी बदल गया| इस दिन को मनाने का उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान और उनको समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने से होता है| रूस की महिलाओं ने ब्रेड एंड पीस की मांग को लेकर 1917 में हड़ताल की| हड़ताल फरवरी के आखिरी रविवार को शुरू हुई| यह एक ऐतिहासिक हड़ताल थी और जब रूस के जार ने सत्ता छोड़ी तब वहां की अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया| 

जानिए महिलाओं के कुछ ऐसे अधिकार जो हर एक महिला को पता होना चाहिए 

समान वेतन का कानूनी अधिकार- पुरूषों की तरह महिलाएं को भी वर्कप्लेस पर समान वेतन का अधिकार है| भारतीय श्रमिक कानून के मुताबिक, किसी भी जगह पर अगर आप काम करती हैं तो वेतन में लिंग के आधार पर आपके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता| 
घरेलू हिंसा से सुरक्षा- इस अधिकार को महिलाओं के प्रति हिंसा को रोकने के लिए बनाया गया है| इसके तहत अगर किसी महिला के साथ उसके घर पर, ससुराल में कोई भी हिंसा होती है तो वह इसके खिलाफ केस दर्ज कर सकती है| 
मातृत्व संबंधी अधिकार- इस अधिकार के तहत जब भी कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे 26 सप्ताह की छुट्टी लेने का अधिकार है| इस दौरान महिला के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी| और वह फिर से काम शुरू कर सकती है| 
रात में गिरफ्तार ना होने क अधिकार- इस कानून के तहत किसी भी महिला को कोई भी पुलिसकर्मी सूरज ढलने के बाद गिरफ्तार नहीं कर सकता है| इसके लिए पुलिसकर्मी को सूरज उगने का इंतेजार करना होगा| 
काम पर हुए उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार- काम पर हुए यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुसार आपको यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार है|