जानिए कैसी बनी एक ऑटो ड्राइवर की बेटी फेमिना मिस इंडिया की रनर-उप

कहते है न मेहनत करने वालो की कभी हार नहीं होती ऐसा ही कुछ मान्या सिंह के साथ हुआ जिनको फ़ेमिना मिस इंडिया 2020 की रनर-अप का चुना गया । उत्तर प्रदेश के देवरिया ज़िले की रहने वाली मान्या सिंह को शायद ही कल तक कोई जानता होगा, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से जो आज पहचान बनाई है, वो मिसाल बन गई। उनके पिता ओमप्रकाश सिंह मुंबई में ऑटो ड्राइवर हैं

जानिए कैसी बनी एक ऑटो ड्राइवर की बेटी फेमिना मिस इंडिया की रनर-उप

कहते है न मेहनत करने वालो की कभी हार नहीं होती ऐसा ही कुछ मान्या सिंह के साथ हुआ जिनको फ़ेमिना मिस इंडिया 2020 की रनर-अप का चुना गया । उत्तर प्रदेश के देवरिया ज़िले की रहने वाली मान्या सिंह को शायद ही कल तक कोई जानता होगा, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से जो आज पहचान बनाई है, वो मिसाल बन गई। उनके पिता ओमप्रकाश सिंह मुंबई में ऑटो ड्राइवर हैं। मां मनोरमा देवी मुंबई में टेलर की दुकान चलाती हैं।

मान्या सिंह अपनी इस जीत का सारा क्रेडिट माता-पिता को ही देती हैं। वह कहती हैं, 'अगर मेरे पैरंट्स ने मेरे पंख काट दिए होते, मुझे आगे बढ़ने का हौसला न देते, तो शायद आज मैं यहां नहीं बैठी होती। जब रनरअप के लिए मेरा नाम पुकारा गया तो अब तक का पूरा सफर मेरी आंखों के सामने एक फ्लैशबैक की तरह आ गया। मेरे और मेरे परिवार ने कितना कुछ सहा। जहां लड़कियों को जीन्स तक पहनने की अनुमति नहीं होती, वहां से निकलकर आना, जॉब करना, अपनी पढ़ाई करना और मां-बाप की देख-रेख करना, उस समय सब आंखों के आगे तैर रहा था।'

मान्या सिंह बताती हैं कि उनके पिता रिक्शा चलाते हैं। उनकी रोज़ाना की कमाई है बमुश्किल 250 रुपये। मुंबई की एक चॉल की खोली में रहने वाली मान्या सिंह कहती हैं, 'मां ने हमेशा पढ़ाई करने के लिए ही प्रेरित किया। जब उन्हें पता चला कि मैं मिस इंडिया बनना चाहती हूं तो उन्होंने इस रास्ते में आने वाली मुश्किलों के बारे में बताया, लेकिन मैंने इसे पॉजिटिवली लिया और मेहनत करके आज यह मिस इंडिया का खिताब हासिल कर ही लिया।'

आपको बता दे, फेमिना मिस इंडिया 2020 मनशा वाराणसी को चुना गया साथ ही मान्या  सिंह सेकंड रनर उप र