किसानों के आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस का सख्त रवैया 9 स्टेडियमों को जेल में तब्दील करने की इजाजत

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है इसी क्रम में पंजाब और हरियाणा के किसान , दिल्ली चलो मार्च की जिद पर अड़े हैं और सिंधु बॉर्डर तक पहुंचे लेकिन उसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से सख्त रवैया अपनाया है।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है इसी क्रम में पंजाब और हरियाणा के किसान , दिल्ली चलो मार्च की जिद पर अड़े हैं और सिंधु बॉर्डर तक पहुंचे लेकिन उसके बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से सख्त रवैया अपनाया है। आंदोलनकारियों पर काबू पाने के लिए अब दिल्ली पुलिस ने काफी सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं। सिंधु बॉर्डर पर आंदोलनकारियों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार से 9 स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में तब्दील करने की इजाजत मांगी है। दिल्ली पुलिस ने स्टेडियमों को अस्थायी जेल में बदलने की मांग कर साफ संकेत दे दिया है कि अगर आंदोलनकारियों ने आदेशों की अवहेलना कर ,देश की राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की तो उनकी गिरफ्तारी तय है। बता दें कि आज सोनीपत से किसानों के काफिलों का सिंधु बॉर्डर पर 10 बजे से ही पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे तक भारी संख्या में किसानों के पहुचंने की उम्मीद है। फिलहाल सिंधु बॉर्डर पर पहुंचे किसानों को दिल्ली पुलिस ने कोविड गाइडलाइन का हवाला देते हुए आगे बढ़ने से रोक दिया है। हालांकि किसानों के विरोध को ठंडा करने के लिए दिल्ली पुलिस ने किसानों पर वाटर कैनन से पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले तक कि छोड़ डाले।