अपनी मांगो को लेकर कल धरने पर बैठेंगे काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत

वाराणसी में अब तक न्याय नहीं मिलने से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने गणतंत्र दिवस से अपनी पत्नी के साथ अपने आवास पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन पर आरोप लगाया है इस दौरान पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा। बतादे समस्त प्रकरण की जानकारी महंत जी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से दी गई है।

अपनी मांगो को लेकर कल धरने पर बैठेंगे काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत

 

वाराणसी में अब तक न्याय नहीं मिलने से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने गणतंत्र दिवस से अपनी पत्नी के साथ अपने आवास पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन पर आरोप लगाया है इस दौरान पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा। बतादे समस्त प्रकरण की जानकारी महंत जी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से दी गई है।

पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया की राष्ट्रपति सचिवालय से मुख्यमंत्री कार्यालय को जून 2020 में ही पत्र लिख कर मामले के न्यायोचित निपटारा कर कार्यवाही से अवगत कराने के लिए पत्र भेजा गया। लेकिन अब तक इस मामले में न्याय नहीं हो सका। ऐसे में न्याय की आस में गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। बता दें कि मंदिर से जुड़ी लोक परंपराओं के निर्वाह के लिए महंत परिवार 350 वर्ष से भी अधिक समय से कृत संकल्प है।

एक वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले साल 22 जनवरी को उनके पैतृक आवास का एक हिस्सा अचानक गिर जाने से काफी सामान मलबे में दब गया था।और इस दौरान भिन्न-भिन्न धार्मिक अवसरों पर पूजी जाने वाली बाबा विश्वनाथ की कई रजत मूर्तियों के साथ प्रयुक्त होने वाला चांदी का सिंहासन और पालकी भी मलबे में दब गई थीं।लेकिन  बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती सहित कई प्राचीन रजत मूर्तियां बच गई थीं।


मूर्तियों के सुरक्षा को देखते हुवे विश्वनाथ मंदिर प्रबंधन ने उन मूर्तियों को एक सुरक्षित कक्ष में रखवाया।और कक्ष में एक चाबी उनके पास, दूसरी प्रबंधन के पास और तीसरी चाबी उनके चचेरे भाई के पास थी। टेढ़ीनीम स्थित नए भवन में परिवार के साथ व्यवस्थित होने के बाद जब उन्होंने रजत मूर्तियों की मांग की तो पता चला उनमें से कई प्रतिमाएं बिना जानकारी के मंदिर प्रबंधन ने उनके छोटे भाई को सौंप दीं।

महंत ने इस मामले पर प्रशासन को चेतावनी देते हुवे कल से धरना देने की चेतावनी दी है