Kanpur : 15 हज़ार का आऱोप और फझियत के बाद कानपूर पुलिस खोजा 1 महीने के बाद बच्ची को

भीख मांगकर गुजारा करने वाली दिव्यांग महिला की 15 वर्षीय बेटी को एक महीने बाद कानपुर पुलिस ने खोज निकाला है। साथ ही, महिला द्वार नामजद किए गए आरोप ठाकुर को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बता दें कि किशोरी को बरामद करने की यह कार्रवाई कानपुर के डीआईजी/एसएसपी डॉक्टर प्रितिंदर सिंह के आदेश के बाद हुई है। दरअसल, दिव्यांग महिला सोमवार 1 फरवरी को डीआईजी से मिली थी और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का कहना था कि उसने पुलिस की गाड़ी में 12 से 15 हजार रुपए का डीजल भरवाया है, ताकि पुलिस उसकी नाबालिग बेटी को तलाश कर सकें, जो पिछले महीने लापता हो गई थी। पीड़ित महिला की शिकायत के बाद डीआईजी ने चौकी इंचार्ज राजपाल सिंह और अरुण कुमार को सस्पेंड कर दिया था।

Kanpur : 15 हज़ार का आऱोप और फझियत के बाद कानपूर पुलिस खोजा 1 महीने के बाद बच्ची को

भीख मांगकर गुजारा करने वाली दिव्यांग महिला की 15 वर्षीय बेटी को एक महीने बाद कानपुर पुलिस ने खोज निकाला है। साथ ही, महिला द्वार नामजद किए गए आरोप ठाकुर को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बता दें कि किशोरी को बरामद करने की यह कार्रवाई कानपुर के डीआईजी/एसएसपी डॉक्टर प्रितिंदर सिंह के आदेश के बाद हुई है। दरअसल, दिव्यांग महिला सोमवार 1 फरवरी को डीआईजी से मिली थी और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का कहना था कि उसने पुलिस की गाड़ी में 12 से 15 हजार रुपए का डीजल भरवाया है, ताकि पुलिस उसकी नाबालिग बेटी को तलाश कर सकें, जो पिछले महीने लापता हो गई थी। पीड़ित महिला की शिकायत के बाद डीआईजी ने चौकी इंचार्ज राजपाल सिंह और अरुण कुमार को सस्पेंड कर दिया था।

अब जानिए क्या है पूरा मामला

दिव्यांग महिला का नाम गुड़िया है और वो थाना चकेरी के सनिगवां गांव की रहने वाली है। गुड़िया ने बीते सोमवार को डीआईजी को बताया कि उसकी 15 साल की नाबालिग बेटी पिछले महीने की 07 जनवरी से लापता है। इस बाबत थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। उसने अपने ही दूर के एक रिश्तेदार ठाकुर पर बेटी को गायब करने का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस उसकी एक भी बात को सुन नहीं रही थी और चौकी जाने पर पुलिसकर्मी उसे डांट कर भगा देते थे।

आरोप है कि चौकी सनिगवां के चौकी इंचार्ज राजपाल सिंह ने बेटी को खोजने के नाम पर गुड़िया से गाड़ी में डीजल डलवाने की बात कही। गुड़िया ने डीआईजी को बताया था कि उसने 12 से 15 हजार रुपए का डीजल पुलिस की गाड़ी में डलवाया है। इसके बाद भी बेटी का पता नहीं चला। अगर पुलिस कायदे से जांच पड़ताल और पूछताछ करती तो बेटी बरामद हो जाती। डीआईजी प्रतिन्दर सिंह ने मानवता दिखाई और उन्होंने पुलिस को तुरंत महिला की बेटी को ढूंढने का आदेश दिया और खुद अपनी गाड़ी से गुड़िया को 6 किलोमीटर दूर चकेरी थाने भिजवाया था।

कलक्टरगंज सीओ ने बताया कि चकेरी थाना क्षेत्र में 363, 366 और 120 बी आईपीसी की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था। बताया कि डीआईजी के आदेश के बाद किशोरी की बरामदगी के लिए चार टीमें गठित की गई थी। सीओ ने बताया कि अपहरण किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया है। साथ ही, नामजद आरोपी ठाकुर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पूरी जांचकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।