जल्द होगा वाराणसी में काले गेहूं की खेती पीएम ने किया था आह्वान | ZNDM NEWS

एक पत्रिका के अनुसार बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर पीके सिंह ने बताया है कि काले गेहूं में पौष्टिकता अधिक मिलती है और अन्य खूबियों पर अध्ययन किया जा रहा है। यही नहीं मेरठ और हरियाणा के विश्वविद्यालयों में इस पर शोध भी चल रहा है।

जल्द होगा वाराणसी में काले गेहूं की खेती पीएम ने किया था आह्वान | ZNDM NEWS

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काले धान और काले गेहूं की खेती करने का देश के किसानों से आह्वान किया था । इसी वजह से किसान काले गेहू के खेती में ज्यादा से ज्यादा दिलचस्पी दिखा कर खेती कर रहे और वाराणसी जिले में भी किसान लगातार काले गेहू के खेती में लगे हुवे है| वर्षों से किसान मिर्च, टमाटर, मटर की खेती कर रहे है और अब जिले में काले धान की खेती के बाद अब काले गेहूं की मांग बढ़ी है इसलिए अब किसान इन पर भी विशेष ध्यान दे रहे है | किसान भी काले गेहूं की खेती करने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
एक पत्रिका के अनुसार बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर पीके सिंह ने बताया है कि काले गेहूं में पौष्टिकता अधिक मिलती है और अन्य खूबियों पर अध्ययन किया जा रहा है। यही नहीं मेरठ और हरियाणा के विश्वविद्यालयों में इस पर शोध भी चल रहा है। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान के कृषि फार्म पर काले गेहूं की खेती की जा रही है। जिससे उत्पादन क्षमता की सही जानकारी मिल सके। एक पत्रिका के इरी के मृदा वैज्ञानिक,  अजय मिश्र के  
अनुसार पंजाब के चंडीगढ़ स्थित नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट ने नाबी एमजी प्रजाति के काले गेहूं के बीज को विकसित किया है। जिसकी खेती पश्चिमी यूपी के कई जिलों में की जा रही है।
बतादे बनारस सहित पूर्वांचल के पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन क्षमता पर काले गेहूं के बीज का शोध किया जा रहा है।
शोध के पहले चरण के लिए चांदपुर स्थित इरी के नर्सरी में 25 हजार वर्ग फिट में काले गेहूं की बुआई की गई है।