भारत नेपाल सीमा विवाद के बीच - नेपाल की जनता नेपाली सरकार के खिलाफ कर रही विरोध | India Nepal border dispute

एक तरफ नेपाली संसद में लिपुलेख कालापानी को मान्यता देने पर खुशी जताते हुए सड़कों पर मोमबत्तियां जलाईं तो दूसरी तरफ कोरोना वायरस के प्रति सरकार की कमजोर नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगाए।देश के विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों ने रविवार...पूरा पढ़े [INDIA NEPAL BORDER DISPUTE]

भारत नेपाल सीमा विवाद के बीच - नेपाल की जनता नेपाली सरकार के खिलाफ कर रही विरोध | India Nepal border dispute

भारत नेपाल सीमा विवाद के बीच - नेपाल की जनता नेपाली सरकार के खिलाफ कर रही विरोध | India Nepal border dispute

नेपाल की जनता और मीडिया ने अब नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली  के क़दमों पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है| नेपाल ने जहा भारत सीमा विवाद को जन्म दिया वही उसकी जनता उसी के सरकार पर कई सवाल उठा रही है |लोग नेपाली सरकार के खिलाफ विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। उनके विरोध और खुशी का पैटर्न नया है, जिसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। [INDIA NEPAL BORDER DISPUTE]

जहाँ एक तरफ नेपाली संसद में लिपुलेख कालापानी को मान्यता देने पर खुशी जताते हुए सड़कों पर मोमबत्तियां जलाईं तो दूसरी तरफ कोरोना वायरस के प्रति सरकार की कमजोर नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ नारे लगाए।देश के विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों ने रविवार को पीएम को चेतावनी दी कि देश के नेतृत्व में मतभेद और राष्ट्रवाद के नाम पर 'सस्ती लोकप्रियता' हासिल करने से जुड़े उनके कदम नेपाल को बर्बादी की तरफ धकेल सकते हैं| इन्होंने लिखा कि सीमा विवाद के स्थायी समाधान के लिए नेपाल और भारत के पास बातचीत के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है| 

नेपाल के सत्ताधारी और विपक्षी राजनीतिक दलों ने शनिवार को नए विवादित नक्शे को शामिल करते हुए राष्ट्रीय प्रतीक को अपडेट करने के लिए संविधान की तीसरी अनुसूची को संशोधित करने संबंधी सरकारी विधेयक के पक्ष में मतदान किया|  इसके तहत भारत के उत्तराखंड में स्थित लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाली क्षेत्र के तौर पर दर्शाया गया है|  भारत ने इस कदम का सख्त विरोध करते हुए इसे स्वीकार करने योग्य नहीं बताया था|  हालांकि नेपाल लगातार सचिव स्तर की बातचीत के लिए प्रस्ताव देता रहा है लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना विश्वास का माहौल बने फिलहाल ये कोई विकल्प नहीं है| 

वही नेपाल में कोरोना संकट ने दिन-प्रतिदिन नेपाल को त्रस्त कर दिया है, सोशल मीडिया पर आवाजें उठाई जा रही  कि सरकार इसे ठीक से नहीं संभाल  पा रही । पर्याप्त कोरोना परीक्षण न होना, चिकित्सा आपूर्ति की खरीद में अनियमितता, और अन्य मुद्दे मीडिया और सोशल मीडिया में पर चल जिसे लेकर युवा इन सड़क पर उतरे हैं।