आईआईटी बीएचयू के वार्षिक तकनीक उत्सव टेक्नेक्स का 81वां संस्करण में मानव रोबोट सोफी | ZNDM NEWS

आईआईटी बीएचयू के वार्षिक तकनीक उत्सव टेक्नेक्स का 81वां संस्करण इस बार खास हुआ । 14 से 16 फरवरी तक होने वाले उत्सव में दुनिया की पहली महिला ह्यूमनाइट रोबोट नागरिक सोफिया विशेष मेहमान है । सोफिया न केवल अपने अनुभव साझा करेंगी, बल्कि आईआईटीयंस के सवालों का जवाब भी दिया ।उन्होने अपना जन्मदिन (14 फरवरी) भी छात्रों के साथ मनाया ।

आईआईटी बीएचयू के वार्षिक तकनीक उत्सव टेक्नेक्स का 81वां संस्करण इस बार खास हुआ । 14 से 16 फरवरी तक होने वाले उत्सव में दुनिया की पहली महिला ह्यूमनाइट रोबोट नागरिक सोफिया विशेष मेहमान है । सोफिया न केवल अपने अनुभव साझा करेंगी, बल्कि आईआईटीयंस के सवालों का जवाब भी दिया ।उन्होने अपना जन्मदिन (14 फरवरी) भी छात्रों के साथ मनाया । अक्टूबर 2017 में सउदी अरब में नागरिकता मिलने के बाद यूपी के किसी भी शिक्षण संस्थान में सोफिया का यह पहला दौरा है। सामान्य महिला की तरह दिखने वाली सोफिया का सोशल मीडिया अकाउंट भी है। वह इंसानों की तरह ही देश-दुनिया की हर गतिविधि से अपने को अपडेट रखती हैं।

प्रो. जैन ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी काउंसिल की ओर से आयोजित टेकनेक्स में देशभर के 20 हजार से अधिक आईआईटीयंस शामिल होंगे और अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। नई तकनीक और  विकास से छात्रों को परिचित कराने के उद्देश्य से मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है।बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार में शुक्रवार को टेक्नेक्स के तहत आयोजित केलीडोस्कोप में ह्यूमनायड रोबोट सोफिया थी। इस दौराना टेक्‍नेक्‍स 2020 के आयोजन में लोगों ने सोफ‍िया से तरह तरह के सवाल भी पूछे। बनारस में हों और बातों को कहने और बनाने वाले बनारसी मूड के लोग आयोजन में हों तो रोबोट से भी अजब अनोखे सवाल हो सकते हैं। कुछ यही नजारा शुक्रवार की रात बीएचयू में सोफ‍िया संग संवाद पर भी नजर आया।

लोगों ने सोफ‍िया से पूछता कि क्‍या आप शादी करेंगी? इस पर सोफ‍िया ने बिना झिझक शादी से मना कर दिया। इसी तरह कई अन्‍य सवालों का भी सोफ‍िया ने धर्म आध्‍यात्‍म साहित्‍य और संस्‍कृतिक की राजधानी काशी में जवाब दिया। वहीं अपने जन्‍मदिन पर पहली बार बनारसी साड़ी पहनकर इतरा रही थी  सोफ‍िया ने अपने जन्‍मदिन पर केक भी काटा। 
इसे बनाने वाली कंपनी हैनसन रोबोटिक्स के चीफ टेक्नोलॉजी आफिसर अमित कुमार पांडेय ने रोबोट। कहा की  क्रमबद्ध विकास व इतिहास से प्रतिभागियों को वाकिफ कराया पहले जो रोबोट बनाए जाते थे, वे अकेले रहते थे। वर्तमान समय के रोबोट मानव के बीच रहकर उनसे संचार स्थापित करते हैं। ऐसे रोबोट को ही आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संज्ञा दी जा रही है। भावनात्मक रूप से सोफिया को संवेदनशील बनाया गया है। आज के रोबोट मानव की संवेदनाओं को महसूस कर रहे हैं। ह्यूमनायड रोबोट डाक्टर के रूप में काम कर रहा है। बीमार व्यक्ति को छू कर उन्हें किस प्रकार की दवा चाहिए, यह सुझाव भी दे रहा है। मानव जाति दिव्यांगता के कारण जिन सुख-सुविधाओं से महरूम रहता है, इन रोबोट की सहायता से उसकी भरपाई हो रही है।