आईआईटी बीएचयू के तीन दिवसीय वार्षिक तकनीकी उत्सव टेक्नेक्स20 में दिखा जुबिन नौटियाल | ZNDM NEWS |

आईआईटी बीएचयू के तीन दिवसीय वार्षिक तकनीकी उत्सव टेक्नेक्स20  के अंतिम दिन की शाम को जाने माने संगीतकार जुबिन नॉटियाल ने अपनी गायिकी से यादगार बना दिया। एडीवी ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी समेत विभिन्न जगहों से आए आईआईटीयंस भी जुबिन के गीतों पर खूब थिरके। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सभी ने कलाकारों का जोरदार स्वागत किया।

आईआईटी बीएचयू के तीन दिवसीय वार्षिक तकनीकी उत्सव टेक्नेक्स 20  के अंतिम दिन की शाम को जाने माने संगीतकार जुबिन नॉटियाल ने अपनी गायिकी से यादगार बना दिया। एडीवी ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी समेत विभिन्न जगहों से आए आईआईटीयंस भी जुबिन के गीतों पर खूब थिरके। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सभी ने कलाकारों का जोरदार स्वागत किया।

टेक्नेक्स का अंतिम दिन होने की वजह से दूर दराज से आए प्रतिभागियों का उत्साह चरम पर है। जुबिन नॉटियाल अपनी पूरी टीम के साथ जैसे ही मंच पर चढ़े छात्रों ने खड़े होकर स्वागत किया। इसके बाद गाने की शुरूआत हुई। जुबिन ने गजब का है दिन सोचो जरा, ये दीवानापन देखो जरा के साथ ही दिल का दरिया बह ही गया-इश्क इबादत बन ही गया। दिल संभल जा रहा-फिर मोहब्बत करने चला है तू।

जैसे एक से बढ़कर गीतों की झड़ी लगा दी। छात्रों की मांग पर मेरे रश्के कमर-तुने पहली नजर, जब नजर से मिलाई मजा आ गया और हां सीखा मैने जीना-जीना की प्रस्तुति की। इसके बाद अंतिम प्रस्तुति में डीजे कार्निवोर ने सभी को ईडीएम संगीत की धुन पर नाचने पर मजबूर कर दिया।

जुबिन की लोकप्रीतया का आलम इस कदर रहा की सभागार फुल होने के बाद भी प्रवेश द्वार पर चलने वालों की भीड़ लागी रहीं | 
तीन दिवसीय उत्सव टेक्नेक्स में प्रतिभागियों ने अलग-अलग प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी लगाकर विकास का मॉडल दिखाया। 

उधर 39जीटीसी की ओर से सीमा पर आतंकवादियों का मुहतोड़ जवाब देने के लिए हथियारों की प्रदर्शनी लगाकर भारतीय सेना के ताकत का अहसास कराया गया। इससे पहले स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश अरिजीत पसायत ने भारतीय न्यायिक प्रणाली पर अपनी बात रखी। वर्तमान समय में देश के बुनियादी मूल्यों को बनाए रखने का कितना महत्व है।