ललित कुमार उपाध्याय ने ठुकराई UP पुलिस में OSD की नौकरी ,देश को टोक्यो ओलिंपिक में 4 दशक बाद दिलाया था पदक |

जब देश ने टोक्यो ओलम्पिक में  कांस्य पदक जीता था तब बनारस शहर ने भी बड़ी जीत हासिल की थी दरसअल आप को बता दे टोक्यो ओलिंपिक में बनारस के ललित कुमार उपाध्याय भारती टीम में सदस्य है उन्होंने देश को करीब 4 दशक बाद टोक्यो ओलिंपिक में हॉकी में कांस्य पदक दिलाने में मदद की है उस वक्त भी ललित कुमार उपाध्याय चर्चाओं में बने हुवे थे और एक बार फिर से ललित कुमार उपाध्याय चर्चाओं में आ गए है|

ललित कुमार उपाध्याय ने ठुकराई UP पुलिस में OSD की नौकरी ,देश को टोक्यो ओलिंपिक में 4 दशक बाद दिलाया था पदक  |

जब देश ने टोक्यो ओलम्पिक में  कांस्य पदक जीता था तब बनारस शहर ने भी बड़ी जीत हासिल की थी दरसअल आप को बता दे टोक्यो ओलिंपिक में बनारस के ललित कुमार उपाध्याय भारती टीम में सदस्य है उन्होंने देश को करीब 4 दशक बाद टोक्यो ओलिंपिक में हॉकी में कांस्य पदक दिलाने में मदद की है उस वक्त भी ललित कुमार उपाध्याय चर्चाओं में बने हुवे थे और एक बार फिर से ललित कुमार उपाध्याय चर्चाओं में आ गए है|

ललित वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के भगतपुर गांव के रहने वाले हैं। दरसअल टोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली हॉकी टीम के सदस्य और अर्जुन अवार्डी ललित कुमार उपाध्याय उत्तर प्रदेश सरकार के नौकरी के ऑफर से खुश नहीं हैं। बताया जा रहा है की ललित कुमार उपाध्याय को  सरकार ने पुलिस विभाग में संविदा पर OSD की नौकरी ऑफर की है।

वही आप को बतादे ललित ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है कि उत्तर प्रदेश में अलग-अलग विभागों में OSD के पद पर नौकरी मृतक आश्रितों को या फिर अन्य लोगों को अनुकंपा के आधार पर देती है। मैं कोई मृतक आश्रित नहीं हूं। नौकरी देनी है तो पुलिस विभाग में राजपत्रित अधिकारी बनाएं या फिर किसी अन्य विभाग में सम्मानजनक नौकरी दें।  हमने तो प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

ललित कुमार उपाध्याय ने कहा कि हमें नौकरी दिया जाना महज नौकरी देना ही नहीं है, बल्कि खेल और खिलाड़ियों के प्रति सरकार के सम्मान का संदेश भी है। ललित के इस बात से साफ़ जाहिर है की इस नौकरी के प्रस्ताव से ललित नाखुश है |