NASA के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में उगाई मिर्च का चखा स्वाद

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के वैज्ञानिकों ने पहली बार अंतरिक्ष में उगाई गई पहली मिर्च का स्वाद चखा। नासा ने पहले भी कहा था कि स्पेस में किया जा रहा ये प्रयोग अब तक के सबसे जटिल प्रयोगों में से एक रहा। नासा की एस्ट्रोनॉट मेघन मैकआर्थर के सोशल मीडिया अकाउंट पर पहली बार अंतरिक्ष में उगाई गई हरी मिर्च की तस्वीरें पोस्ट की गईं।

NASA के वैज्ञानिकों ने  अंतरिक्ष में उगाई मिर्च का चखा स्वाद


अमेरिकी स्पेस एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के वैज्ञानिकों ने पहली बार अंतरिक्ष में उगाई गई पहली मिर्च का स्वाद चखा। नासा ने पहले भी कहा था कि स्पेस में किया जा रहा ये प्रयोग अब तक के सबसे जटिल प्रयोगों में से एक रहा। नासा की एस्ट्रोनॉट मेघन मैकआर्थर के सोशल मीडिया अकाउंट पर पहली बार अंतरिक्ष में उगाई गई हरी मिर्च की तस्वीरें पोस्ट की गईं।

 

 

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सवार अंतरिक्ष यात्रियों ने फसल उगाने के चार महीने बाद आखिरकार अंतरिक्ष में उगाई जाने वाली पहली मिर्च की कटाई कर ली है। यह उपलब्धि नासा द्वारा एक आधिकारिक पोस्ट के द्वारा शेयर कि गई हैं। वहीं एक विज्ञप्ति के अनुसार, अंतरिक्ष में मिर्च की खेती नासा के प्लांट हैबिटेट-04 (PH-04) प्रयोग का एक हिस्सा थी और लंबे ग्रोथ के कारण इसे स्टेशन पर रखना काफी जटिल था। साथ ही वैज्ञानिकों का कहना है कि मिर्च को पहले आईएसएस चालक दल (ISS crew) द्वारा चखा जाएगा और बाकी को वापस पृथ्वी पर भेजा जाएगा।

 

 

अंएस्ट्रोनॉट मेगन मैकआर्थर, जो फिलहाल में आईएसएस में पृथ्वी की परिक्रमा कर रही हैं। उन्होनें अपने 'स्पेस टैकोस' में नई खेती में की गई मिर्च का आनंद लेते हुए अपनी तस्वीरें मिक्रोब्लॉगिंग प्लेटफार्म ट्विटर पर शेयर की।

 

 

 

अपने फसल प्रयोगों के महत्व को समझाते हुए नासा ने कहा कि अंतरिक्ष में पौधों की खेती और कटाई एक ऐसा विचार है जो लंबे समय में एक बोनस के तौर पर काम करेगा क्योंकि मनुष्य अपनी पहुंच को कम-पृथ्वी की रेखा से आगे बढ़ाना चाहते हैं। एक बार जब अंतरिक्ष यात्री सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण और शून्य-गुरुत्वाकर्षण में फसल उगाने की कला में महारत हासिल कर लेते हैं, तो यह उन्हें चंद्रमा और उससे आगे के आर्टेमिस मिशन के लिए तैयार करने में मदद करेगा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मंगल पर मिशन के लिए खोजकर्ताओं को बनाए रखने के तरीकों को डेवलॅप करने में मदद करेगा।