बनारस के लिए अच्छी खबर गुजरात के कांडला से आ रहे 400 खाली ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होगी ऑक्सीजन की किल्लत

शहर बनारस में इन दिनों कोरोना संक्रमण का रूप काफी भयानक हो चुका है | और बात कर ले यहाँ की स्वास्थ्य ब्यवस्ता की तो स्थति ख़राब है दरसअल कोविड मरीजों को बेड तक मिलने में काफी परेशानी हो रही है | ऑक्सीजन की भी काफी किल्लत है और अच्छी खबर ये है की वाराणसी में अब जल्द ही ऑक्सीजन की किल्लत ख़त्म होने वाली है दरसअल अब जल्द बनारस समेत अन्य जिले में जल्द ऑक्सीजन को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है |

बनारस के लिए अच्छी खबर गुजरात के कांडला से आ रहे 400 खाली ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होगी ऑक्सीजन की किल्लत

 

शहर बनारस में इन दिनों कोरोना संक्रमण का रूप काफी भयानक हो चुका है | और बात कर ले यहाँ की स्वास्थ्य ब्यवस्ता की तो स्थति ख़राब है दरसअल कोविड मरीजों को बेड तक मिलने में काफी परेशानी हो रही है | ऑक्सीजन की भी काफी किल्लत है और अच्छी खबर ये है की  वाराणसी में अब जल्द ही ऑक्सीजन की किल्लत ख़त्म होने वाली है दरसअल अब जल्द बनारस समेत अन्य जिले में जल्द ऑक्सीजन को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है |

 



बुधवार रात खाली रैक वाराणसी और पीडीडीयू नगर से होकर झारखंड व उड़ीसा के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस रवाना हो चुकी है। दरसअल ऑक्सीजन के लिए लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की खेप उड़ीसा और झारखंड से मंगाई जा रही है। रेलवे ने उड़ीसा, झारखंड से वाराणसी तक ग्रीन कॉरिडोर बनवा दिया है। बतादे रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कम समय में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मेडिकल ऑक्सीजन वाले टैंकरों को लादकर उनको बिना देरी देश के कई शहरों में पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत की है। बड़ी बात ये की ऑक्सीजन एक्सप्रेस जब वाराणसी के लिए रवाना की जाएगी तब इस दौरना बीच में कहीं भी रेड सिग्नल दिखाकर रोका नहीं जाएगा।

 



 यही नहीं ऑक्सीजन की लगातार हो रहे संकट से निजात पाने के लिए और सभी की  जिंदगियां बचाने के लिए उड़ीसा के राउरकेला झारखंड के जमशेदपुर और बोकारो ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन लाने की तैयारी हो गई है । उधर, गुजरात के कांडला बंदरगाह से 400 खाली ऑक्सीजन सिलिंडर जल्द ही नए गुड्स रैक के जरिए वाराणसी पहुंचेंगे। इससे पहले इन सब की तैयारियों को परखने के लिए एडीआरएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने कैंट स्टेशन स्थित मालगोदाम पहुंचकर जायजा लिया | अब बनारस समेत पुरे उत्तर प्रदेश को ऑक्सीजन की किल्लत से सायद कम गुजरना पड़े