Ghaziabad : गाजियाबाद शमशान हादसे में 25 की मौत, JE समेत कई लोग गिरफ्तार ठेकेदार फरार

श्मशान हादसे को लेकर शासन की सख्ती के बाद मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम और पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार ने रविवार की रात अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मोदीनगर तहसील में बैठकर स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद दोनों अधिकारियों के निर्देश पर मुरादनगर कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका की ईओ निहारिका सिंह, जेई चंद्रपाल, सुपरवाइजर आशीष, ठेकेदार अजय त्यागी व अन्य के खिलाफ गैर इरातदन हत्या, काम में लापरवाही व भ्रष्टाचार आदि के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

Ghaziabad : गाजियाबाद शमशान हादसे में 25 की मौत, JE समेत कई लोग गिरफ्तार ठेकेदार फरार

श्मशान हादसे को लेकर शासन की सख्ती के बाद मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम और पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार ने रविवार की रात अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मोदीनगर तहसील में बैठकर स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद दोनों अधिकारियों के निर्देश पर मुरादनगर कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका की ईओ निहारिका सिंह, जेई चंद्रपाल, सुपरवाइजर आशीष, ठेकेदार अजय त्यागी व अन्य के खिलाफ गैर इरातदन हत्या, काम में लापरवाही व भ्रष्टाचार आदि के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस में मृतक जयराम के पुत्र दीपक ने तहरीर दी है। इसमें बताया है कि उनके पिता जयराम की शनिवार की रात मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए उनके रिश्तेदार और पास पड़ोस के लिए श्मशान आए थे।

जहां श्रद्धांजलि के दौरान बरामदे का लैंटर गिर गया। इसमें 23 से लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। उन्होंने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि ईओ समेत अन्य अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया। जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है।

उन्होंने अपनी तहरीर में अधिकारियों को इस हादसे और हादसे में हुई मौतों को जिम्मेदार बताते हुए इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि तहरीर के अधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, मुरादनगर कोतवाली पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस ने बताया कि जब छत ढही, तो बारिश से बचने के लिए कई लोग इमारत के नीचे खड़े थे जिसे हाल ही में बनाया गया था। इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी पुरूष और जयराम के रिश्तेदार या पड़ोसी थे, जिनका उस वक्त वहां अंतिम संस्कार हो रहा था। यह हादसा मुरादनगर के उखलारसी में हुआ और इस घटना के बाद श्मसान घाट पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे। उसके बाद पुलिस पहुंची और फिर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाई पहुंची। सभी मलबे से मृतकों एवं घायलों को निकालने में जुट गए। गाजियाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि इस घटना में 23 लोगों की मौत होने के अलावा 15 अन्य को घायल अवस्था में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख प्रकट किया। मोदी ने ट्वीट किया, ''उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने मेरठ के संभागीय आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र) को इस घटना के बारे में रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है। केंद्रीय मंत्री और गाजियाबाद के सांसद वी के सिंह तथा पुलिस एवं नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय भाजपा विधायक अतुल गर्ग ने यहां सरकारी अस्पताल में कुछ घायलों से मुलाकात की।