विश्वनाथ मंदिर को लेकर पूर्व विधायक अजय राय ने प्रधानमन्त्री पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री श्री अजय राय ने कहा की भगवान शिव जग का लोकार्पण किये है व स्वम् विश्व के नाथ है बाबा विश्वनाथ ऐसे में प्रधानमंत्री जी द्वारा लोकर्णप शब्द का मार्केटिंग करना निंदनीय है इसे विस्तारीकरण कहा जा सकता था।लोकार्पण शब्द की मार्केटिंग सनातन धर्म पर आघात है।प्रधानमंत्री स्वम् को सनातनी परम्परा से ऊपर मानते है।जब श्रीनगर पन्था चौक इलाके में आतंकी हमला हुआ 2 जवान शहीद हो गए।और उसी दिन प्रधानमंत्री जी काशी में लेजर शो का आनंद ले रहे थे।2 मिनट का शोक प्रकट करना भी प्रधानमंत्री जी ने उचित नही समझा,प्रधानमंत्री ने कॉरिडोर के मजदूरों सँग फ़ोटो खिंचवाई परन्तु कारिडोर को बनाते समय जो मजदूर आकस्मिक मृत हुए थे उनके परिजनों सँग मिलना उचित नही समझा,प्रधानमंत्री जी सस्ती लोकप्रियता का ढोंग रचा।काशी की वर्तमान स्तिथि,मूलभूत जनसमस्याओं की अनदेखी,बदहाल चिकित्सा व्यवस्था,बेरोजगारी, व धर्म के नाम पर विंध्वस इस सरकार का प्रमुख कार्य है।

विश्वनाथ मंदिर को लेकर पूर्व विधायक अजय राय ने प्रधानमन्त्री पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री श्री अजय राय ने कहा की भगवान शिव जग का लोकार्पण किये है व स्वम् विश्व के नाथ है बाबा विश्वनाथ ऐसे में प्रधानमंत्री जी द्वारा लोकर्णप शब्द का मार्केटिंग करना निंदनीय है इसे विस्तारीकरण कहा जा सकता था।लोकार्पण शब्द की मार्केटिंग सनातन धर्म पर आघात है।प्रधानमंत्री स्वम् को सनातनी परम्परा से ऊपर मानते है।जब श्रीनगर पन्था चौक इलाके में आतंकी हमला हुआ 2 जवान शहीद हो गए।और उसी दिन प्रधानमंत्री जी काशी में लेजर शो का आनंद ले रहे थे।2 मिनट का शोक प्रकट करना भी प्रधानमंत्री जी ने उचित नही समझा,प्रधानमंत्री ने कॉरिडोर के मजदूरों सँग फ़ोटो खिंचवाई परन्तु कारिडोर को बनाते समय जो मजदूर आकस्मिक मृत हुए थे उनके परिजनों सँग मिलना उचित नही समझा,प्रधानमंत्री जी सस्ती लोकप्रियता का ढोंग रचा।काशी की वर्तमान स्तिथि,मूलभूत जनसमस्याओं की अनदेखी,बदहाल चिकित्सा व्यवस्था,बेरोजगारी, व धर्म के नाम पर विंध्वस इस सरकार का प्रमुख कार्य है। 

 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी काशी आकर कॉरिडोर का उदघाटन किये व प्रचार के माध्यम से खूब पैसा बहाया गया जोरदार इवेंट मार्केटिन्ह हुई।लेकिन अभी तक यह नही बताए की जिन मूर्तियों को तोड़ा गया था वह मूर्ति कहा स्थापित हुए।कॉरिडोर के नाम पर सनातनी देवताओं का विंध्वस स्वीकार नही है।व चिकित्सा क्षेत्र में काशी की बदहाली चरम पर है।बीएचयू समेत अन्य सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था दयनीय है।बीएचयू में वेंटिलेटर, आईसीयू,स्टेचर तक की व्यवस्था बदहाल है।मरीज परेशानी झेलने पर मजबूर है।कुव्यवस्था का अंबार है।सीवर व्यवस्था पूरे काशी की बदहाल है।सीवर के नाम पर अनेको परियोजना बनी लेकिन सब विफल रही।पूरे काशी की सीवर व्यवस्था ध्वस्त है।काशी में कई मोहल्ले ऐसे है जहाँ लोगो को पीने का पानी तक मुनासिब नही है।स्वम् प्रधानमंत्री जी रविदास पार्क गए जिसके बगल में बड़ा नाला माँ गंगा में गिरता है यह इनके स्मार्ट सिटी की सच्चाई है। 


माँ गंगा नदी के उस पार एक नदी के आकार का नहर बनाया जा रहा था जिसमे करोड़ो रुपया इस सरकार ने बर्बाद किया।उस नहर से क्या लाभ है क्यों करोङो रुपया बर्बाद किया इसकी पुष्टि आजतक नही हो पाई।काशी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है लोगो को बड़ी उम्मीद थी की कोई कल-कारखाना लगेगा रोजगार के अवसर मिलेंगे लेकिन ऐसा नही है प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में बेरोजगारी चरम पर है।कोई भी कल-कारखाने की नींव नही पड़ी।


अपराध के मामले काशी में तेजी से बढ़ रहे है ,महिलाओं पर अत्याचार,पीड़ितों को धमकाना ,यह सब सिलसिला जारी है।अपराध रोकने के मामले में यह सरकार शून्य है।काशी गलियों का शहर है कुछ गलियों को छोड़कर अधिकतर गलियां बदहाली के कगार पर है।ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बड़ा लालपुर सिर्फ भाजपा के कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल किया जाता है।वहा से जन सरोकार में कोई कार्य नही होता है।बन्दरगाह के नाम पर काशी को छला गया वहां से कितना व्यपार हुआ कितना राजस्व मिला कितने लोगो को रोजगार मिला इस बात पर सरकार के पास जबाब नही है।प्रधानमंत्री जी दौरा प्रचार प्रसार इवेंट मैनेजमेंट झूठ के आडम्बर पर आधारित रहा है।