Jharkhand : झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्वीट के बाद ट्विटर पर मच रहा है बवाल

भारत में जारी कोरोना की दूसरी लहर के बीच भी देश में राजनीतिक घमासान नहीं थमा है. बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया और कोरोना संकट को लेकर चर्चा की. इन्हीं में से एक झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस चर्चा को लेकर एक ट्वीट कर दिया, जिसपर अब बवाल छिड़ गया है.

Jharkhand : झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्वीट के बाद ट्विटर पर मच रहा है बवाल

भारत में जारी कोरोना की दूसरी लहर के बीच भी देश में राजनीतिक घमासान नहीं थमा है. बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया और कोरोना संकट को लेकर चर्चा की. इन्हीं में से एक झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस चर्चा को लेकर एक ट्वीट कर दिया, जिसपर अब बवाल छिड़ गया है. 

भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार में मंत्री समेत कई बड़े नेता अब सोशल मीडिया पर हेमंत सोरेन को जवाब देने में लग गए हैं. हेमंत सोरेन ने क्या ट्वीट किया था और अब उन्हें किस तरह की नसीहतें दी जा रही हैं, ये पूरा मामला समझिए। 

कोरोना संकट पर पीएम मोदी ने जब कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की, तो उसके बाद गुरुवार रात को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया. उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की, बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते. इसी ट्वीट को लेकर बवाल हुआ है। 

हेमंत सोरेन ने इस तरह सोशल मीडिया पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा, तो जवाब में केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों की पूरी फौज उतर गई. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने हेमंत सोरेन को जवाब देते हुए लिखा, ‘कृपया संवैधानिक पदों की गरिमा को इस निम्न स्तर तक न ले जाएं. महामारी के इस कठिन समय में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, हम एक टीम इंडिया हैं.

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफी रियो ने लिखा कि मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कई वर्षों के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के प्रति काफी संवेदनशील रहे हैं. मैं हेमंत सोरेन के इस बयान को पूरी तरह खारिज करता हूं.

बता दें कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई मुख्यमंत्रियों के बीच खुलकर तकरार सामने आई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पहले पीएम मोदी के साथ हुई बैठकों पर सवाल खड़े किए थे, उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ वन-वे मीटिंग होती है, कोई जवाब नहीं मिलता है.

इसके अलावा एक बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण का लाइव प्रसारण किया था, जिसपर पीएम मोदी ने आपत्ति जाहिर की थी. वहीं, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ तो पीएम मोदी की तकरार लंबे वक्त से चल ही रही है, वह पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई कई बैठकों में शामिल नहीं हुई हैं.